ओवरलोड माइनिंग वाहनों पर सख्त शिकंजा, परिवहन-माइंस विभाग मिलकर करेंगे निगरानी
अवैध परिवहन और राजस्व चोरी पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम
जयपुर। राज्य में ट्रक-ट्रेलरों से बढ़ रहे सड़क हादसों और खनिज परिवहन में राजस्व चोरी पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग और खान एवं भू-विज्ञान (माइंस) विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) से लैस माइनिंग वाहनों का डेटा अब दोनों विभागों के बीच साझा किया जाएगा, जिससे वाहनों की रियल टाइम निगरानी संभव होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ओवरलोड वाहनों की पहचान करना आसान होगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे सड़कों पर ओवरलोड ट्रक-ट्रेलरों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगेगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
साथ ही, खनिज परिवहन के दौरान रॉयल्टी चोरी और अवैध परिवहन की संभावनाएं भी लगभग समाप्त हो जाएंगी। वाहनों की लोकेशन, निर्धारित मार्ग और परिवहन गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, जिससे राजस्व संग्रह में भी बढ़ोतरी होगी। राज्य सरकार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ खनिज परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। दोनों विभागों के बीच डेटा साझा करने की यह पहल ओवरलोडिंग, अवैध परिवहन और राजस्व चोरी पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

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