विश्व रक्त कैंसर दिवस : हर मरीज में अलग होते हैं ब्लड कैंसर के लक्षण, समय पर उपचार की शुरूआत जरूरी
कार-टी सेल थेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट से ब्लड कैंसर उपचार में नई उम्मीद
जयपुर। ब्लड कैंसर का नाम सुनते ही अक्सर होश उड़ जाते हैं। अब तक यह माना जाता रहा है कि ब्लड कैंसर का कोई इलाज नहीं है, लेकिन अब समय पर पहचान और आधुनिक उपचार से ब्लड कैंसर को हराना संभव हो पाया है। बार-बार बुखार का आना, शरीर में कमजोरी आना, शरीर में खून की कमी होना, हाथ-पांव में कमजोरी महसूस होना। यह सभी लक्षण सामान्य नजर आते है। अगर उपचार के बाद भी यह लक्षण ठीक ना हो तो यह शरीर के रक्त में कैंसर सेल की शुरूआत का संकेत भी हो सकते है। भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के ब्लड कैंसर एवं बीएमटी विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश सिंह शेखावत ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा में कार-टी सेल थेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक तकनीकें ब्लड कैंसर और गंभीर रक्त रोगों के उपचार में नई उम्मीद हैं।
बीएमसीएच में ब्लड कैंसर से जुड़ी दो परीयोजनाएं चलाई जा रही है, जिसके तहत रोगियों को निशुल्क उपचार किया जाता है। परियोजना में लो रिस्क वाले तीन तरह के ब्लड कैंसर एक्यूट लिम्फोब्लॉस्टिक ल्यूकीमियां, एक्यूट प्रोमाईलोसाईिटक ल्यूकीमियां, होजकिन्स लिम्फोमा शामिल है। अगस्त 2014 से मार्च 2026 तक इस योजना में 11.03 करोड़ रुपए की लागत से 176 बच्चों को उपचार देकर कैंसर मुक्त किया। योजना में अगस्त 2015 से मार्च 2026 तक 2.47 करोड़ रुपए की लागत से 340 रोगियों को उपचार से कैंसर मुक्त किया।
समय पर उपचार की शुरूआत जरूरी
बाल रक्त एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी माथुर ने बताया कि बच्च्चों में कई तरह के ब्लड कैंसर होते हैं, जिसकी शुरूआती स्तर में उपचार की शुरूआत करके उन्हें पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है।

Comment List