गैर इरादतन हत्या के मामले में महिला समेत दो आरोपियों को 10 साल का कठोर कारावास, जानें पूरा मामला
पांच हजार रुपए के अर्थ दंड से किया दंडित
कोटा। छह साल पुराने हत्या के मामले को गैर इरादतन हत्या का मानते हुए एक महिला सहित दो आरोपियों को सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण व्यास ने दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी बबलू पुत्र रामकल्याण निवासी खेड़ारसूलपुर ,कैथून व सुनीता मेघवाल निवासी देवली मांझी जिला कोटा ग्रामीण को पांच हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
लाेक अभियोजक एडवोकेट मनोज पुरी ने बताया कि फरियादी मोहित मेहरा ने पुलिस थाना गुमानपुरा में 21 मई 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें बताया था कि वह अपने परिवार के साथ कोटा में रामचन्द्रपुरा छावनी क्षेत्र में रह रहा है। उसके साथ उसकी बहन, पिता व एक भाई भी रहते हैं। वह जयपुर में लाख के चूड़े बनाने का काम करके परिवार का पालन पोषण कर रहा है। लाॅकडाउन में वह भी कोटा आ गया था। 18 मई 2020 को उसके पिता रामस्वरूप ( 58 ) अपनी दोस्त सुनीता मेघवाल निवासी देवलीमांझी व बबलू बैरवा निवासी खेडारसूलपुर बाइक से उन्हें सुबह 11 बजे डीसीएम की तरफ लेकर गए थे। जब पिता समय पर घर नहीं आए तो काफी तलाश किया गया फिर पता चला कि 20 मई को सुनीता व बबलू डाढ़देवी के जंगलों में रामस्वरूप को ले गए हैं। उसने जंगल में जाकर देखा तो उम्मेदगंज - डाढ़देवी रोड पर एक नाले की पुलिया के पास पिता रामस्वरूप के खून से सने कपड़े व चप्पलें मिली। उसे शक हुआ कि उसके पिता रामस्वरूप की सुनीता मेघवाल व बबलू बैरवा ने हत्या कर लाश को कहीं फेंक दिया है।
पुलिस ने आरोपी बबलू एवं सुनीता के विरुद्ध धारा 364, 302, 201, 202, 176/34 भारतीय दण्ड संहिता के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया और अनुसंधान के दौरान दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में पुलिस दोनों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किए। मामला बाद में 31 अगस्त 2020 सेशन न्यायालय में भेज दिया गया था। अदालत में ट्रायल के दौरान कई गवाहों के बयान करवाए । न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मामला हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या का मानते हुए महिला सुनीता और बबलू को दस साल के कठोर कारावास की सजा तथा पांच हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है।

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