अमेरिका और ईरान शांति समझौते से पटरी पर लौटेगा कोटा का व्यापार-उद्योग
आयात निर्यात को बढ़ावा मिलने से कीमत में आएगी कमी
कोटा । अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना से उद्योग जगत की आशंका समाप्त हो गई है। इससे अब देश के अन्य राज्यों के साथ ही कोटा का उद्योग-वयापर फिïर से पटरी पर लौटेगा। एक बार फिर से आयात व निर्यात को बढ़ावा मिलने से कोटा स्टोन व मसाला उद्योग को बल मिलेगा। वहीं डीजल पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में मिलने से कीमतों में आए उछाल से राहत मिलने की संभावना है।
अमेरिका और ईरान व इजराइल के बीच लम्बे समय तक चले युद्ध ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया था। वहीं युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया था। जिससे कोटा समेत अन्य स्थानों से ईरान व अमेरिका को होने वाला निर्यात व वहां से होने वाला आयात सब अटक गया था। यहां तक की पेट्रोलियम गैस व तेल तक की सप्लाई बंद हो गई थी। ऐसे में पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे के साथ ही एक ओर जहां उद्योग व व्यापार प्रभावित हुआ था। वहीं बाजार में हर वस्तु की कीमत आसमान छूने लगी। खाद्य पदार्थ से लेकर सोने-चांदी तक लोहे व स्टील से लेकर एल्यूमीनियम तक और कैमिकल व फर्टिलाइजर्स तक का उद्योग प्रभावित हुआ। इनकी सप्लाई नहीं होने से कीमतें काफी अधिक बढ़ गई थी। वहीं कोटा से विदेशों को निर्यात होने वाला कोटा स्टोन, मसाला, कैमिकल, धनिया और आटे का निर्यात एक तरह से ठप सा हो गया था। वहीं विदेशों से आने वाला प्लास्टिक सामान से लेकर अन्य आवश्यक वस्तुओं का आयात भी बंद हो गया था। जिससे बाजार में हर वस्तु की कीमतें बढ़ गई थी।वहीं हाल ही में अमेरिका व ईरान के बीच शांति समझौते का डील डन ड्राफ्ट सामने आने के बाद न केवल शेयर मार्केट में उछाल आया है। वरन् व्यापार उद्योग को भी फिर से बूस्टअप मिला है।
उद्योग जगत की आशंका समाप्त, कीमतें होंगी नियंत्रित
कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव व होटल फैडरेशन के कोटा संभाग अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना से लम्बे समय से व्यापार उद्योग जगत में बनी आशंका समाप्त होगी। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से आयात व निर्यात अटका हुआ था। कोटा से बड़ी मात्रा में कोटा स्टोन, चावल, धनिया, मसाले व आटे समेत अन्य वस्तुओं का विदेशों को निर्यात होता है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से यह माल निर्यात नहीं हो रहा है। जहाजों में माल अटका होने से खराब हो गया या वापस लौट आया। जिससे व्यापार व उद्योग जगत को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। वहीं कैमिकल व फर्टिलाइजर्स भी कोटा में नहीं आ पा रहा था। लेकिन अब होर्मुज स्ट्रेट खुलने से इन सभी उद्योग व व्यापार से जुड़े व्यापारियों व उद्योगपतियों की आशंका समाप्त हो गई है। साथ ही ये सभी उद्योग फिर से पटरी पर लौट आए़ंगे। पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल व गैस मिलने से कीमतें भी नियंत्रित हो जाएंगी।
नुकसान की भरपाई में समय लगेगा
दी एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष व उद्योगपति गोविंद राम मित्तल ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत को काफी नुकसान हुआ है। इससे तेल व पेट्रोलियम की सप्लाई बाधित होने के कारण इससे जुड़े सभी उद्योग व व्यापार प्रभावित हुए। आयात निर्यात बंद हो गया था। ऐसे में पेट्रोल-डीजल व कैमिकल से जुड़े उद्योगपतियों ने आशंका के चलते नए उद्योग नहीं लगाए। जिनके लगे हुए उद्योग से उन्हें माल की सप्लाई नहीं हो सकी। उद्योगों में तैयार माल का निर्यात नहीं हो सका था। जिससे हजारों-करोड़ रुपए का नुकसान भारत को उठाना पड़ा। वहीं कोटा में भी तेल की कीमतें बढऩे से महंगाई बढ़ गई। हर व्यक्ति उससे प्रभावित हुआ। अब तक जितना नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई करने में ही एक से दो साल का समय लग जाएगा। हालांकि अब होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना से उद्योग व व्यापार को एक उम्मीद जगी है। जिस तरह से कैंसर रोग में कीमो थैरेपी काम करती है उसी तरह की राहत मिलने की संभावना है। वहीं इससे ईरान में रोजगार के अवसर खुलने से कोटा व देश से वहां जाने वालों को लाभ होगा।
तेल की पर्याप्त सप्लाई से स्थिति होगी सामान्य
कोटा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तरूमीत सिंह बेदी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से सबसे अधिक प्रभाव पेट्रोलियम व तेल पर पड़ा था। लेकिन अब इसके खुलनी की संभावना से स्थिति सामान्य हो जाएगी। जब देश में पर्याप्त मात्रा में तेल व गैस की सप्लाई होने लगेगी तो उद्योगों को पर्याप्त तेल मिल सकेगा। साथ ही तेल की कीमतें बढऩे से प्राइवेट पेट्रोल पम्पों पर तेल महंगा हो गया था। ऐसे में लोग सरकारी पम्पों पर जा रहे थे। वहां तेल की राशनिंग हो रही थी। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट खुलने से जब तेल की सप्लाई होने लगेगी तो इससे जुड़ी सभी उद्योग व व्यापार को भी पर्याप्त सप्लाई हो सकेगी। प्राइवेट पम्पों को भी तेल मिलने लगेगा। जिससे वहां भी कीमतें कम हो जाएगी। साथ ही हर वस्तल की कीमत कम होने पर स्थिति सामान्य हो जाएगी। होर्मुज स्ट्रेट से बंद होने से देश के अन्य प्रदेशों के साथ ही इसका असर कोटा पर भी पड़ रहा था। लेकिन अब कोटा में भी सभी सामान्य हो जाएगा।
शिपिंग और बीमा लागत घटने से व्यापार की रफ्तार बढ़ेगी
मिडिल ईस्ट में संघर्ष का असर भारत के व्यापार पर भी पड़ा था। मिडिल ईस्ट के देशों को होने वाला निर्यात प्रभावित हुआ था। इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, कपड़ा, खाद्य सामग्री और केमिकल जैसे सेक्टर्स को झटका लगा था। अब हालात सामान्य होने की उम्मीद के साथ निर्यातकों को राहत मिल सकती है। शिपिंग और बीमा लागत घटने से व्यापार की रफ्तार फिर बढ़ सकती है। उद्योग जगत का मानना है कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता आने से भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर भी खुलेंगे।
-अनिल मूूंदड़ा, जिलाध्यक्ष कैट कोटा

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