नाबालिग को बेचने पर दंपती सहित तीन आरोपियों को 20-20 साल की जेल
पचास हजार में बेचा था नाबालिग को
कोटा। तीन साल पूर्व एक नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म करने तथा उसे बेचने के मामले में पोक्सो कोर्ट क्रम दो के न्यायाधीश ने दंपती सहित तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए बीस-बीस साल के कठोर करावास की सजा सुनाई है। आरोपी अशोक उर्फ सुक्का (25) व उसकी पत्नी अनीता (27) को 2.25 लाख तथा भंवर सिंह उर्फ गंवरिया(24) निवासी ग्राम खेरियारुंडी (रतलाम मप्र) पर दो लाख का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने 16 वर्षीय पीड़िता को छह लाख रुपए प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक विजय कछवाह ने बताया कि बालिका की मां ने पुलिस थाना रेलवे कॉलोनी में 26 जुलाई 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था कि वह थाना क्षेत्र में ओवरब्रिज के नीचे अपनी दो बच्चियों के साथ रहती है और भीख मांग कर अपना पालन पोषण करती है। 22 जुलाई को उसकी पुत्री नगर निगम बोर्ड में खेल रही थी तथा वह भीख मांगने बाजार गई थी। शाम पांच बजे वापस आई तो बड़ी बेटी नहीं मिली उसे तलाश किया लेकिन कोई पता नहीं चला। पुलिस ने धारा 363 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कर बालिका को दस्तयाब कर मेडिकल करवाया तथा बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया था। वहां से बालिका गृह भेज दिया था।
बालिका ने कोर्ट में बताया कि उसके घर के पास ही सुक्का और उसकी पत्नी अनीता रहते है। वह उनके बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी आरोपी अशोक और उसकी पत्नी ने उससे कहा कि उसके पिता बीमार रहते हैं उनके इलाज के लिए पांच हजार रुपए चाहिए तो उसके साथ चलना पड़ेगा। वह उनके बहकावे में आ गई और उनके साथ चल दी। आरोपी दंपती उसे ग्राम खेरियारुंडी लेकर आ गए। इसके बाद दोनों ने उसे गांव के भंवर सिंह उर्फ गांवरिया के साथ शादी करने को कहा उसने विरोध किया तो तीनों ने उसके साथ मारपीट की तथा दंपती ने भंवर सिंह को पचास हजार रुपए में बेच दिया। भंवर सिंह ने उसे बंधक बना कर दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 370, 344, 376(3),120 बी तथा पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपियो को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। 18 गवाहों के बयान करवाए गए और 36 दस्तावेज पेश किए।

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