बुजुर्ग माता-पिता से बदसलूकी पड़ेगी भारी! योगी सरकार का बड़ा फैसला, बच्चों को संपत्ति से किया जा सकेगा बेदखल; जानें पूरा प्लान
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा
उत्तर प्रदेश। लखनऊ। बुजुर्ग माता-पिता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने नियमों में अहम बदलाव करने का फैसला किया है। योगी कैबिनेट ने वर्ष 2014 में बनाए गए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण संबंधी नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। संशोधन के बाद नियम 22 के अंतर्गत 22-क, 22-ख और 22-ग नाम से तीन नए प्रावधान जोड़े जाएंगे। अब इस नियम के तहत बुजुर्ग माता पिता ऐसे बच्चों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे जो कि उनकी सही से देखभाल नहीं करते हैं या उन पर अत्याचार करते हैं।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साल 2012 में प्रदेश सरकार ने इसे लागू किया था और साल 2014 में इसके लिए नियमावली भी जारी की गई थी। इन नए प्रविधानों के तहत यदि अब कोई भी व्यक्ति अपने बुजूर्ग माता पिता से दुर्व्यवहार करता है या फिर उनका भरण-पोषण सही तरीके से नहीं करता है तो पीड़ित बुजुर्ग को पूरा हक है कि वो ऐसे बच्चों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं।
ऐसे मामलों की शिकायता जिला स्तरीय भरण पोषण अधिकरण के समक्ष शिकायत की जा सकेगी जिसकी सुनवाई 30 दिनों के अंदर ही की जाएगी, ताकि पीड़ित बुजुर्गो को जल्द न्याय मिल सके। इसके अलावा यदि को बुजुर्ग आवेदन करने में समर्थ है तो कोई भी संस्था उनकी तरफ से आवेदन दाखिल कर सकती है। इतना ही नहीं, संबंधित पुलिस भी इन आदेशों को पालन करने के लिए बाध्य होगी। इसके लिए सरकार की तरफ से जल्द ही टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा ताकि किसी भी वरिष्ठ नागरिक को बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही न्याय मिल सके।

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