सड़क-नाली बनी, फिर भी क्यों नहीं बदली तस्वीर...? रोड से नाली तक सवाल ही सवाल, हर पांच साल में बन रहे वही पुराने चुनावी मुद्दे
नाली और बारिश का पानी
जयपुर। नगर निगम जयपुर के विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में वार्ड 1 से 22 तक का इलाका शहर के बड़े हिस्से को समेटे हुए है। नए परिसीमन के बाद इन 22 वार्डों में सड़क, नाली, सीवर, जल निकासी, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पार्क, अतिक्रमण और दूसरी नागरिक सुविधाओं का जिम्मा नगर निगम के हिस्से आता है। कागज पर कामों की सूची लंबी है, लेकिन जमीन पर कई समस्याएं ऐसी हैं जो बार-बार सामने आती हैं। खासतौर पर बारिश में जलभराव, टूटी सड़क, नालियों की समस्या और सीवर ओवरफ्लो लोगों की रोजमर्रा की परेशानी बन जाते हैं।
जलभराव सबसे बड़ी साझा समस्या :
सीकर रोड, वीकेआई, मुरलीपुरा, खातीपुरा रोड, 14 नंबर रोड और आसपास के क्षेत्रों में बरसात के दौरान पानी जमा होने की समस्या लंबे समय से सामने आती रही है। वर्ष 2024 में सीकर रोड ड्रेनेज के लिए 36.88 करोड़ रुपए की परियोजना शुरू की गई थी, जिसमें वीकेआई से सेंट्रल स्पाइन, बड़ी खेड़ा और मुरलीपुरा सहित कई हिस्सों को शामिल किया गया। इसके बावजूद हाल की मानसून की बारिश के दौरान अधिकतर वार्डों में जलभराव की समस्या देखने को मिली।
सड़क और फुटपाथ :
विद्याधर नगर के इन वार्डों में सड़क बनाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी सड़क की गुणवत्ता और निर्माण के बाद उसकी देखरेख है। लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के चलते सड़क खुदाई के बाद समय पर मरम्मत, टूटी सड़कों का पैचवर्क, फुटपाथ की मरम्मत, डिवाइडर और सार्वजनिक रास्तों की देखभाल नहीं होना लोगों के लिए परेशानी बनी हैं।
नाली और बारिश का पानी :
इलाके की सबसे बड़ी समस्याओं में जलभराव शामिल है। सीकर रोड, वीकेआई, मुरलीपुरा, खातीपुरा रोड और आसपास के कई हिस्सों में बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या लंबे समय से सामने आती रही है। मुख्य रोड को छोड़कर आज भी अंदरूनी इलाकों और निवारू रोड, वीकेआई के क्षेत्र, झोटवाड़ा के क्षेत्रों में समस्या जस के तस बनी हुई है।

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