शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला, बोले- चुनाव हारने के बाद तृणमूल बिखरी, बंगाल में नहीं चलेगा क्षेत्रवाद
राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल ) प्रमुख ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद पार्टी अब पूरी तरह से बिखर चुकी है और उनकी संकीर्ण तथा क्षेत्रवादी राजनीति अब बंगाल में नहीं चलने वाली है। सीएम अधिकारी ने भवानीपुर के सुभाष उद्यान में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चुनाव के बाद तृणमूल की स्थिति का मजाक उड़ाया। उन्होंने ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का नेतृत्व बंटा हुआ है।
उन्होंने कहा, "हारी हुई तृणमूल बिखर गयी है। एक कहता है कि मैं कालीघाट से हूं, दूसरा कहता है कि मैं उत्तर चला गया हूं, भतीजा विदेश में है और बुआ के घर पर ताला लगा है।" सीएम अधिकारी ने ममता बनर्जी पर भाषा, जाति और क्षेत्र के आधार पर राज्य और लोगों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार राष्ट्रवाद, देशभक्ति पर कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी ने भाषा और जाति के नाम पर अपनी संकीर्ण सोच और क्षेत्रवाद के जरिए हमारे राष्ट्रवादियों को बांटने की कोशिश की।"
उन्होंने पिछली सरकार पर उन लोगों को वंचित रखने का भी आरोप लगाया जिन्होंने भाजपा का समर्थन किया था। उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार उन लोगों को प्राथमिकता देगी जिन्हें राजनीतिक कारणों से मौकों से वंचित रखा गया था। अधिकारी ने कहा, "पिछली सरकार के दौरान जिन लोगों को भाजपा का समर्थन करने के कारण वंचित रखा गया था, उन्हें यह सरकार प्राथमिकता देगी।" सीएम अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय कवरेज को लेकर मीडिया के कुछ हिस्सों की भी आलोचना की और वहां के कुछ कार्यकर्ताओं पर 'राष्ट्र-विरोधी' होने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वे 'वंदे मातरम्' गाने का विरोध करते हैं और गणतंत्र दिवस तथा स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाते हैं।
उन्होंने कहा, "वे मीडिया समूह उनके समर्थन में चाहे कितना भी लिखें, हम जादवपुर के अंदर और बाहर राष्ट्रवाद की स्थापना करेंगे।" सीएम ने कहा कि उनकी सरकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्वप्न को पूरा करने के लिए आई है और वह भारतीय और सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय ध्वज, 'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' को बढ़ावा देगी।

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