बैकडेटेड बीपीएड डिग्री से सरकारी नौकरी का मामला, श्री सत्यसाईं विवि प्रौद्योगिक एवं मेडिकल साइंस के कुलपति समेत तीन गिरफ्तार

66 अभ्यर्थियों ने इसी विश्वविद्यालय की डिग्री दी

बैकडेटेड बीपीएड डिग्री से सरकारी नौकरी का मामला, श्री सत्यसाईं विवि प्रौद्योगिक एवं मेडिकल साइंस के कुलपति समेत तीन गिरफ्तार
शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने और कथित बैकडेट बीपीएड डिग्री मामले में एसओजी ने सीहोर के श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय के कुलपति मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा को गिरफ्तार किया। जांच में भारमल राम की डिग्री में अनियमितताएं मिलीं।

जयपुर। शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा पास करने और कथित तौर पर बैकडेट में तैयार बीपीएड डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में एसओजी ने मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी एवं मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के कुलपति मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा को गिरफ्तार किया है। तीनों को 24 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 25 दिसंबर 2022 को शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें सांचौर जिले के धानता निवासी भारमल राम पुत्र नरंगा राम ने आवेदन किया था। खुलासा हुआ कि भारमल राम ने अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा पास की और शारीरिक शिक्षक के पद पर चयनित होकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। इस मामले में पहले ही उसे गिरफ्तार किया जा चुका है और उसके खिलाफ  जांच पूरी कर चालान न्यायालय में पेश किया जा चुका है।

फर्जी डिग्री की जांच से विश्वविद्यालय तक पहुंची एसओजी :

शिकायत के बाद हुई जांच में भारमल राम द्वारा प्रस्तुत बीपीएड डिग्री को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। आवेदन के समय उसने ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू से बीपीएड डिग्री प्राप्त होना दर्शाया था लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान उसने श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय सीहोर की बीपीएड डिग्री भी प्रस्तुत की। जांच में इस डिग्री के प्रथमदृष्टया बैकडेट में जारी किए जाने के तथ्य सामने आए। एसओजी ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर विश्वविद्यालय में तलाशी ली और रिकॉर्ड तथा कंप्यूटर डेटा जब्त किया। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का फॉरेंसिक फाइनेंशियल ऑडिट कराया गया। इसमें भारमल राम के नाम से विश्वविद्यालय में दो अलग-अलग फीस लेजर अकाउंट बनाए जाने की बात सामने आई। ऑडिट में इन लेजर में प्रविष्टियां बाद की तारीखों में किए जाने और रिकॉर्ड को पुरानी तारीख का दिखाने के संकेत मिले।

66 अभ्यर्थियों ने इसी विश्वविद्यालय की डिग्री दी :

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शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में कुल 66 अभ्यर्थियों ने इसी विवि की बीपीएड डिग्री प्रस्तुत की थी। इनमें से अधिकांश डिग्रियों के बैकडेट में जारी की गर्इं। विवि में बीपीएड की 100 सीटें स्वीकृत हैं।

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