फर्जी ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग वेबसाइट से 12 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी, आरोपी गिरफ्तार
कमीशन के लालच में बैंक खाता उपलब्ध कराया
जयपुर। फर्जी ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए 12 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक और आरोपी भोपाल निवासी विशाल शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में पूर्व में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एडीजी साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले में फर्जी ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग वेबसाइट के माध्यम से परिवादी से 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 की राशि ठगी गई थी।
यह था मामला : 25 सितंबर 2025 को परिवादी के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज आया जिसमें एक वेबसाइट का लिंक था। वेबसाइट पर ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग और आकर्षक रिटर्न का प्रचार किया गया था। परिवादी ने वेबसाइट पर अकाउंट बनाकर तथाकथित कस्टमर सर्विस के निर्देश पर अलग-अलग बैंक खातों में निवेश करना शुरू किया। 7 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 के बीच परिवादी ने करीब 6 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा किए। वेबसाइट के वर्चुअल वॉलेट में लाभ सहित करीब 9.42 करोड़ रुपए प्रदर्शित कर परिवादी को विश्वास दिलाया गया कि उसका निवेश लगातार बढ़ रहा है। जब परिवादी ने 7 नवंबर को 5 करोड़ 2 लाख 84 हजार 784 निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने इनकम टैक्स प्रोसेसिंग, फीस समेत अलग-अलग शुल्क के नाम पर और रकम जमा करवानी शुरू कर दी। 10 से 26 नवंबर के बीच अतिरिक्त रकम जमा करवाने के बाद परिवादी से 12.09 करोड़ से अधिक प्राप्त कर लिए गए लेकिन न तो मूल रकम लौटाई गई और न ही राशि निकालने दी गई।
कमीशन के लालच में बैंक खाता उपलब्ध कराया : पुलिस पूछताछ में विशाल शर्मा ने बताया कि जुलाई 2025 में उसकी पहचान अभिषेक नामक व्यक्ति से हुई थी। अभिषेक ने बैंक खाता खुलवाकर उसके उपयोग के लिए उपलब्ध कराने के बदले 20 हजार रुपए कमीशन देने का प्रस्ताव दिया। अभिषेक के निर्देश पर उसे लखनऊ होते हुए नेपाल ले जाया गया, जहां उसकी मुलाकात रविकांत उर्फ रवि पांचाल और विरेन उर्फ बिट्टू से हुई। विशाल के अनुसार इस दौरान कुछ समय के लिए उसका मोबाइल फोन और सिम भी अन्य व्यक्तियों द्वारा अपने पास रखे गए। बाद में उसे भोपाल भेज दिया गया और अभिषेक शर्मा ने उसे 10 हजार रुपए कमीशन दिया। विशाल के बैंक आॅफ बड़ौदा खाते का उपयोग साइबर अपराध से संबंधित धनराशि के लेन-देन में हुआ। उसके विरुद्ध पूर्व में हैदराबाद पुलिस द्वारा भी कार्रवाई की जा चुकी है तथा 1 दिसंबर 2025 को साइबर पुलिस वेस्ट दिल्ली द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

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