नाम का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, सूखे खिलाड़ियों के कंठ

भीषण गर्मी में भी नहीं हैं पीने के पानी की सुविधा

नाम का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, सूखे खिलाड़ियों के कंठ
खिलाड़ी व कोच करीब एक दर्जन खेलों का अभ्यास करने के लिए आते हैं।

कोटा। कोटा शहर में पिछले कई दिन से जिस तरह की भीषण गर्मी पड़ रही है उस समय में प्रशासन द्वारा एक तरफ तो आमजन के लिए पीने के पानी और छाया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम में जहां अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी आ रहे हैं। वहां उनके पीने के लिए पानी की सुविधा तक नहीं है। यह हालत है नयापुरा स्थित अंतरराष्ट्रीय इनडोर स्टेडियम की। जे.के. पवेलियन स्थित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बने इस स्टेडियम में सुबह-शाम बड़ी संख्या में खिलाड़ी व कोच करीब एक दर्जन तरह के खेलों का अभ्यास करने के लिए आ रहे हैं। सामान्य दिनों में ही थोड़ी देर में खेलते समय पसीना आने पर बार-बार पानी की प्यास लगने लगती है। ऐसे में वर्तमान में 45 डिग्री से अधिक तापमान बना हुआ है। उसमें तो बार-बार गला सूख रहा है। करोड़ों रुपए की लागत से बने इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में भीषण गर्मी में भी खिलाडिय़ों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा है।

घर से ला रहे वह भी पर्याप्त नहीं
खिलाडिय़ों ने बताया कि सर्दी और बरसात के समय तो पानी की इतनी जरूरत नहीं पड़ती जितनी इस भीषण गर्मी में पड़ रही है। स्टेडियम में न तो नल है और न ही वाटर कूलर। ऐसे में घर से बोतल में जितना पानी ला रहे हैं वह पर्याप्त नहीं हो रहा। कुछ ही देर में बोतल खाली हो रही है।

तरणताल व क्लब में जाना पड़ रहा
खिलाड़ी जय वर्धन व पुप्पेन्द्र ने बताया कि पानी की प्यास लगने पर पानी ही नहीं मिल रहा। ऐसे में या तो तरणताल या उम्मेद क्लब में वाटर कृूलर की तरफ जाना पड़ रहा है। लेकिन कई बार क्लब में भी बार-बार जाने से रोक दिया जाता है। जिससे खिलाडिय़ों के लिए पीने के पानी की समस्या बनी हुई है।

पानी की सुविधा तो होनी ही चाहिए
स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ी श्याम नाहर ने बताया कि स्टेडियम जैसी जगह जहां रोजाना बड़ी संख्या में खिलाड़ी आ रहे हैं वहां पानी की व्यवस्था तो होनी ही चाहिए। लेकिन स्टेडियम में टंकी का गर्म उबलता हुआ पानी आ रहा है। जिसे पीना तो दूर हाथ लगाना तक मुश्किल हो रहा है। ऐसे में खिलाड़ी व कोच परेशान हो रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

Read More  कोटा के फेफड़ों को चाट रहा थर्मल का काला धुंआ, पांच किलो मीटर तक बुरा असर

इनका कहना है
स्टेडियम में जितनी संख्या में सुबह-शाम खिलाड़ी आ रहे हैं। उनके लिए फिलहाल पीने के पानी की सुविधा नहीं है। जे.के. पवेलियन में वाटर कूलर है लेकिन वह काम नहीं कर रहा है। जिससे ठंडा पानी नहीं मिल रहा। नल दूर है जिसमें भी गर्म पानी आ रहा है। इस संबंध में पूर्व में जिला प्रशासन व केडीए अषिकारियों से बात की थी। उन्होंने पानी की व्यवस्था करवाने का आश्वासन तो दिया था लेकिन अभी तक सुविधा नहीं हुई है। जिससे इस भीषण गर्मी में खिलाडिय़ों को परेशान होना पड़ रहा है।
- वाई.बी. सिंह, खेल अधिकारी

Read More सख्ती के अभाव में भड़क रही लापरवाही की आग, खेतों में खुलेआम जलाए जा रहे फसल अवशेष

Post Comment

Comment List

Latest News

राजस्थान के 30 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 4-5 दिन तक मौसम रहेगा सक्रिय राजस्थान के 30 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 4-5 दिन तक मौसम रहेगा सक्रिय
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में मौसम ने करवट ले ली। श्रीगंगानगर, उदयपुर समेत कई जिलों में सुबह से...
71 वर्ष हुए परेश रावल : बैंक की नौकरी छोड़ थिएटर से शुरू हुआ सफर, 250 से अधिक फिल्मों में किया अभिनय
पानी और छांव के लिए यार्डों के चक्कर काट रहा धरती पुत्र
अफगानिस्तान में भयावह हादसा: शरणार्थियों से भरा ट्रक पलटने से 18 लोगों की मौत, 30 अन्य घायल
सोना एक हज़ार रुपए सस्ता, चांदी की कीमतें स्थिर
उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा : अनियंत्रित कार खाई में गिरी, 3 लोगों की मौत, अन्य 3 घायल
मां का देह शोषण और नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ के अभियुक्त को आजीवन कारावास