ट्रैफिक पार्क में ट्रैफिक नियम बताने वाले बोर्ड हुए बदरंग

बरसों से इन्हीं बोर्ड से बच्चों को सड़क सुरक्षा सप्ताह में दीजा रही नियमों की जानकारी

ट्रैफिक पार्क में ट्रैफिक नियम बताने वाले बोर्ड हुए बदरंग
जानकारों का कहना है कि इस तरह के बदरंग बोर्ड से बच्चे क्या सीखेंगे।

कोटा। शहर में तेजीसे बढ़ रहे वाहनों व सिकुड़ती सड़कों के कारण तो आए दिन हादसे हो ही रहे है। उसके अलावा ट्रैफिक नियमों की पालना नहीं करना भी हादसों का बड़ा कारण बन रहे है। लेकिन हालत यह है कि स्कूल-कॉलेज के बच्चों को जिन बोर्ड के माध्यम से ट्रैफिक नियम बताए जा रहे है। वह बोर्ड ही बदरंग हो रहे है। यह हालत है नए कोटा क्षेत्र के ट्रेफिक पार्क की। शहर के वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के मकसद से नगर निगम ने गांधी उद्यान के पास एक बड़ा गार्डन बनाया। जिसका नाम दिया ट्रैफिक पार्क। इस पार्क में मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश करते ही बांयी तरफ ट्रैफिक नियमों से संबंधित जानकारी के बोर्ड लगाए गए हैं। उन बोर्ड पर वाहन चलाने संबंधी नियम लिखे हुए हैं। साथ ही ट्रैफिक से संबंधित संकेतक व राज्यों के जिलों के कोड की जानकारी दी गई है। लेकिन हालत यह है उन बोर्ड पर लिखे नियम सही ढंग से पढ़ने मेंभी नहीं आ रहे है। नगर निगम होया ट्रैफिक पुलिस। परिवहन विभाग हो या अन्य संबंधित विभाग। जिस भी विभाग की जिम्मेदारी है। वह उसे सही ढंग से नहीं निभा रहे है। यही कारण है कि नियम के बोर्ड ही बदरंग हो रहे है। करीब एक दर्जन से अधिक बोर्ड लगे हुए हैं। जिनमें से अधिकतर बोर्ड बदरंग होने से उन पर लिखे नियम व जानकारी स्पष्ट पढ़ाई में ही नहीं आ रहे है। 

हर साल जनवरी में मनाते सड़क सुरक्षा सप्ताह
शहर में यातायात कोसुगम बनाने व वाहन चानलकोंको यातायात नियमों की जानकारी देने व नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा विभिन्न विभागों के सहयोग से हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। हर साल जनवरी में मनाए जाने वाले इस सप्ताह के दौरान  विभिन्न स्कूल व कॉलेज के बच्चों को ट्रैफिक पार्क का भ्रमण कराया जाता है। यहां पार्क में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी बच्चों को नियमों की जानकारी इन बोर्ड के माध्यम  से ही दे रहे है। लेकिन उन बोर्ड पर क्या लिखा हुआ है यह न तो उन्हें समझ आ रहा होगा और न ही बच्चों को। उसके बाद भी पिछले कई सालों से किसी ने भी उन बोर्ड की दशा सुधारने पर किसी का ध्यान नहीं है।  एक महीने बाद जनवरी में फिर से सड़क सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाएगा। फिर से उन्हीं बदरंग बोर्ड से बच्चों को जानकारी दी जाएगी। जानकारों का कहना है कि इस तरह के बदरंग बोर्ड से बच्चे क्या सीखेंगे। 

इनका कहना है
जनवरी में सड़क सुरक्षा सप्ताह लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। ट्रैफिक पार्क में बच्चों को भ्रमण करवाकर नियमों की जानकारी दी जातीहै। हालांकि पार्क में बोर्ड व ट्रैफिक नियमों संबंधी देखरेख का काम परिवहन विभाग द्वारा किया जाता है। नियम बोर्ड बदरंग हो रहेहैं तो उन्हें आरटीओ से बात कर सही करवाया जाएगा।यदि करेंगे तो ठीक वरना यह काम तो ट्रैफिक पुलिस के माध्यम से भी करवा दिया जाएगा। 
- पूरण सिंह, यातायात निरीक्षक

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