सीसी रोड और नालियां बनी, अब भी कई कार्य शेष

दक्षिण निगम के वार्ड 5 के कई लोगों को नहीं मिले पट्टें, लोगों ने कहा चुनाव तक ही याद रहते हैं हम, बाद में कोई पहचानता तक नहीं

सीसी रोड और नालियां बनी, अब भी कई कार्य शेष
वार्ड में काम जरूर हुए हैं और हो भी रहे हैं लेकिन कई हिस्सों की नालियां आज भी टूटी-फूटी हालत में हैं। कई बार नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता हैं। भरी नालियों से बीमारियों का अंदेशा बना रहता हैं।

कोटा । सब मतलब से हमारे पास आते हैं, जब तक चुनाव ना हो जाए हम और हमारी समस्याएं याद रहती है लेकिन उसके बाद वोट मांगने वाले ये तक भूल जाते हैं कि शहर का ये इलाका है भी या नहीं। विधायक और सांसद के चुनाव लड़ने वाले जीतने के बाद ध्यान नहीं देते हैं। यह कहना है कोटा नगर निगम दक्षिण के वार्ड नम्बर 5 के कुछ लोगों का। दरअसल इस वार्ड के कई लोगों को अभी तक पट्टें नहीं मिले हैं। वजह चाहे तकनीकी हो या कुछ और। इस समय वार्ड के लोगों की सबसे बड़ी पीड़ा यहीं है। स्वयं पार्षद ने लोगों की इस समस्या को लेकर अपना दर्द बयान किया है। बाकी तो वार्ड में कई काम हुए भी हंै और कई होने शेष हैंं। नगर निगम दक्षिण के इस वार्ड में सम्पूर्ण हजीरा बस्ती और श्याम नगर का क्षेत्र आते हैं। इन इलाकों के लोगों का कहना हैं कि भले ही वार्ड में काम हुए हैं लेकिन आज भी कई समस्याएं मुंह बाहे खड़ी हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में आज भी सड़कों पर कचरा और नालियों में जाम की स्थिति कई बार देखी जा सकती है। लोग अपने मकानों के पट्टे के लिए महीनों से निगम के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कभी क्या और कभी क्या करके वापस भेज दिया जाता है। पीने के पानी का प्रेशर आज भी कई स्थानों पर बहुत कम आता हैं। वार्ड में श्वानों का आतंक बना हुआ हैं। रातभर परेशान करते हैं। वार्ड के कुछ निवासियों का कहना हैं कि वार्ड में कई सड़कें सीसी बन चुकी हैं। पहले सड़कों पर इतने गड्ढेंÞ बने हुए थे कि वाहनों को चलाना तो दूर पैदल तक चलने में पैर मुड़ने का डर बना रहता था लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। सपाट रोड बने चुके हैं। रोड लाइट के हालात पहले से बेहतर हो चुके हैं। कई टूटी लाइटों को नया लगवाया गया है। पहले पीने के पानी की समस्या बनी हुई थी लेकिन अब बड़ी लाइन डलने के बाद वो भी लगभग खत्म हो गई है। श्वानों की समस्या थोड़ी बहुत बनी हुई है। साफ-सफाई टाइम पर हो रही हैं। टिपर दोनों समय आते हैं। 

वार्ड के कुछ लोगों का कहना है कि निगम में बोर्ड कांग्रेस है और पार्षद खुद कांग्रेस के लेकिन इसके बाद भी हमे पट्टों के लिए भटकना पड़ रहा है। वार्ड में काम जरूर हुए हैं और हो भी रहे हैं लेकिन कई हिस्सों की नालियां आज भी टूटी-फूटी हालत में हैं। कई बार नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता हैं। भरी नालियों से बीमारियों का अंदेशा बना रहता हैं। वार्ड के कुछ इलाकों में नियमिन साफ-सफाई होती है तो कई जगहों पर ऐसा नहीं होता है। कई स्थानों पर आवारा मवेशी घूमते रहते हैं।  वार्ड पार्षद का कहना है कि वार्ड की कुछ समस्याओं को छोड़कर सबका समाधान कर दिया गया हैं। कई स्थानों पर नई नालियां बनवाकर नाली पटान का कार्य करवाया हैं। भाजपा का हो या कांग्रेस का समर्थक कभी किसी के काम के लिए मना नहीं किया है। वार्ड में सीसी रोड बनवाए हैं। नियमित रूप से वार्ड की मॉनेटरिंग करता हंू। लोगों को निगम से जुड़ी हर योजना के बारे में अवगत करवाया जाता है। 

इनका कहना है
वार्ड के श्याम नगर इलाके में 25 साल से पानी भरने की समस्या बनी हुई थी। उसके समाधान के लिए बड़े नाले का निर्माण शुरू करवा दिया गया है। नई नालियां बनवाने के लिए प्रयासरत हंू। कुछ लोगों को पट्टें नहीं मिले हैं उसके लिए प्रयासरत हंू। आवारा पशुओं को पकड़ने के आने वाले कार्मिकों के साथ एक पुलिस की गाड़ी भी होनी चाहिए। 
-जितेन्द्र सिंह, वार्ड पार्षद। 

वार्ड में एक बड़ी समस्या थी सुलभ कॉम्पलेक्स की जिसका समाधान अब हो चुका है। श्याम नगर इलाकें में बारिश के दौरान पानी भरता है। अकेलगढ़ के बंदर परेशान करते हैं। 
-हरमेन्द्र सिंह, वार्डवासी। 

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वार्ड में सीसी रोड और नाली पटान के कार्य हुए हैं। भीतरिया कुंड ग्राउंड का काम हुआ है।  कुछ इलाकों में नालियां बनी हैं कुछ में बनना बाकी है। साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक है। श्वानों की कुछ समस्या है। वार्ड में बहुत अच्छे कार्य हुए हैं। 
-जगन्नाथ गौतम, वार्डवासी। 

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पहले पानी के लिए 3 बजे उठना पड़ता था लेकिन बड़ी लाइन डलने के बाद दूसरी मंजिल पर भी पानी पहुंच रहा है। रोड लाइट नई लगवाई गई है। नाला बन ही रहा है। पार्षद के काम ठीक हैं। 
-आरिफ खान, वार्डवासी। 

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