असर खबर का - नहरों एवं वितरिकाओं में स्नान पर रोक लगाने के निर्देश

नहर में डूबने की घटना के बाद हरकत में आया प्रशासन

असर खबर का - नहरों एवं वितरिकाओं में स्नान पर रोक लगाने के निर्देश
जल प्रवाह के दौरान मुख्य नहरों तथा इसकी वितरिकाओं में स्थानीय लोग स्नान करने चले जाते हैं। नहरों में तेज जल प्रवाह के दौरान कई व्यक्ति डूबने से असमय काल का ग्रास बन जाते हैं।

कोटा। जिला कलक्टर एवं मजिस्ट्रेट एम पी मीना ने शनिवार को नहर में डूबने की दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए जिले में नहरों तथा इनकी वितरिकाओं में स्नान पर रोक लगाने को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक शहर एवं ग्रामीण तथां आयुक्त नगर निगम उत्तर एवं दक्षिण को निर्देश दिए हैं। इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति में नहरों में हो रहे हादसों को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिला कलक्टर एवं मजिस्ट्रेट ने बताया कि वर्तमान में चम्बल की दायीं एवं बायीं मुख्य नहरों से सिंचाई के लिए जल प्रवाह किया जा रहा है। जल प्रवाह के दौरान मुख्य नहरों तथा इसकी वितरिकाओं में स्थानीय लोग स्नान करने चले जाते हैं। नहरों में तेज जल प्रवाह के दौरान कई व्यक्ति डूबने से असमय काल का ग्रास बन जाते हैं। 21 अक्टूबर को ऐसी ही एक घटना में पांच व्यक्ति बह गए जिनमें से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया। जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि वर्तमान में जिले में धारा 144 की निषेधाज्ञा प्रभावी होने के चलते नहरों एवं वितरिकाओं में स्नान करने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया जाए ताकि कोई दुर्घटना ना घटे। नहरों वितरिकाओं पर निगरानी भी रखी जाए। दोनों नगर निगम के क्षेत्राधिकार में जहां जहां नहरों पर घाट बने हैं या किनारे पर तालाब बने हुए हैं, वहां मजबूत जाली लगाएं ताकि ऐसे स्थलों पर लोग प्रवेश ना कर पाएं।

दैनिक नवज्योति ने उठाया था मामला
शहर के बीच से निकल रही दायंी व बायीं मुख्य नहर में आए दिन लोगों के डूबने की घटनाएं होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति ने रविवार के अंक में समाचार प्रकाशित कर प्रमुखता से मामला उठाया था। इसमें बताया था कि नहरों में आए दिन हादसे होने के बाद भी न तो लोग समझ रहे हैं और न ही पुलिस व प्रशासन चेत रहे हैं। पिछले साल होली पर भी चार युवकों की नहर में डूबने से मौत हो गई थी। शहर के बीच से निकल रही नहर की चारदीवारी भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है। जिससे वहां से नहर में नीचे की तरफ जाने की लोगों को जगह मिल रही है। जिससे लोग काफी देर तक नहरों में नहाते रहते हैं। कई लोग नशा करने के बाद भी नहर में नहाने चले जाते हैं। जिससे उनके पैर फिसलने व डूबने की घटनाएं हो रही हैं। नाग नागिन मंदिर से 80 फीट रोड स्टिल ब्रिज के बीच नहर की चार दीवारी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है। हालांकि सीएडी कीओर से कुछ समय पहले चार दीवारी को सही भी कराया गया था। लेकिन उसके बाद भी वह कई जगह से टूटी हुई है। जहां से लोग नहाने के लिए नीचे तक जा रहे हैं। 

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