असर खबर का : कोटा वनमंडल के तत्कालीन डीएफओ को चार्जशीट जारी,राज्यपाल से स्वीकृति मिलने के बाद जारी हुई चार्जशीट
दैनिक नवज्योति की खबरों पर सरकार ने की बड़ी कार्रवाई
कोटा। कोटा वनमंडल की लाडपुरा रेंज के लखावा-8 प्लांटेशन में भ्रष्टाचार के चर्चित मामले में तत्कालीन डीएफओ पर रिटायरमेंट के तीन साल बाद गाज गिरी। राज्य सरकार ने तत्कालीन कोटा डीएफओ जयराम पांड्ेय को प्लांटेशन में अवैध रूप से प्लोटिंग कटवाने और फर्जीवाड़ा से प्लांटेशन फेल होने का दोषी मानते हुए गत शुक्रवार को चार्जशीट जारी कर दी है। दैनिक नवज्योति ने सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर भ्रष्टाचार उजागर किया था। जिसके बाद वन विभाग ने जांच करवाई थी, जिसमें वन विभाग के उच्च स्तरीय जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में न केवल नवज्योति में छपी खबर की पुष्ठी की बल्कि घोटाले व फर्जीवाड़ा खोलने के लिए दैनिक नवज्योति को आई ओपनर माना था। इसके बाद वन मुख्यालय ने चार्जशीट के प्रस्ताव बनाकर राज्यपाल को भेजे थे, जहां से स्वीकृति मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
वन भूमि पर ही कटवा दी प्लोटिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चार्जशीट में उल्लेख है कि तत्कालीन डीएफओ जयराम पाण्डेय ने कैंपा के मिटीगेटिव योजना के अंतर्गत लखावा प्लांटेशन-8 में वृक्षारोपण करवाया था। जिसमें वृक्षारोपण की ब्लास्टिंग पद्धति को अनदेखा कर बिना ब्लास्टिंग के जेसीबी से कम गहरे खड्ढ़े खुदवाएं और निर्धारित संख्या से बहुत कम पौधे लगवाए, जिससे प्लांटेशन फेल हो गया। वहीं, प्लांटेशन में वन भूमि पर अवैध रूप से प्लोटिंग कटवा दी। दोनों ही मामलों में दोषी मानते हुए सरकार द्वारा चार्जशीट जारी की गई।
जमीन पर 2500, कागजों में 5500 खडढ़े खुदे थे
लखावा प्लांटेशन-8 में वर्ष 2022 में पौधे लगाने के लिए 8000 खडढ़े किए जाने थे। चूंकि, पथरीला इलाका होने के कारण प्लांटेशन का अधिकांश भाग चट्टानी है। ऐसे में ऐसे में मेटिगेटिव मैजर्स मॉडल के तहत यहां 8 हजार खडढ़ों को दो हिस्सों में करना तय हुआ था। पहले हिस्से में मिट्टी की मौजूदगी वाली जगह को चिन्हित कर 2500 खडढ़े मैन्यूअल करना तथा शेष चट्टानी जमीन पर 5500 खडढ़े बलास्टिंग से किए जाना था। ऐसे में 5 जनवरी 2022 को 2500 खडढ़े मैन्यूअली खुदवाए गए। वहीं, 5500 खडढ़ों के लिए टेंडर किए गए लेकिन संबंधित फर्म अचानक काम छोड़कर चली गई। ऐसे में ब्लास्टिंग से खडढ़े नहीं हो सके। 6 जुलाई 2022 को तत्कालीन डीएफओ रवि मीणा का ट्रांसफर हो गया। इसके बाद 7 जुलाई को तत्कालीन डीएफओ जयराम पांडे ने कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने बिलों में 5500 खड्ढ़े खुदवाकर 8000 पौधे लगवाना बता दिया। जबकि, मौके पर न तो ब्लाटिंग से 5500 खडढ़े करवाए गए और न ही 8000 पौधे लगे। इस बात की पुष्ठि एपीसीसीएफ व पीएंडएम गणना दल की जांच रिपोर्ट से पहले ही हो चुका है।

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