शुरू होने से पहले ही एमए एमएससी पर लगा ब्रेक

आरटीयू में अब इस साल से नहीं चलेगा नॉन इंजीनियरिंग पीजी कोर्स

शुरू होने से पहले ही एमए एमएससी पर लगा ब्रेक

विद्यार्थियों को अगले सत्र 2025-26 तक करना होगा इंतजार ।

कोटा। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में नॉन इंजीनियरिंग एमए-एमएससी डिग्री कोर्सेज के शुरू होने से पहले ही ब्रेक लग गए। यह कोर्स अब इस वर्ष से शुरू नहीं हो पाएंगे। आरटीयू प्रशासन 4 महीने बाद भी एडमिशन पॉलिसी नहीं बना सका। जिसकी वजह से प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। जबकि,  गत सितम्बर माह से ही विद्यार्थी आरटीयू से एमए इंग्लिश व एमएससी कोर्सेज करने की राह ताक रहे थे। लेकिन, अफसरों की लेटलतीफी के कारण एडमिशन गाइड लाइन नहीं बन पाई। आखिरकार, आरटीयू प्रशासन ने सत्र 2024-25 से नॉन इंजीनियरिंग कोर्सेज शुरू करने से हाथ खड़े कर दिए।

एडमिशन पॉलिसी नहीं बना सकी कमेटी
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय ने राष्टÑीय शिक्षा नीति 2020 के तहत गत अगस्त माह में ही नॉन इंजीनियरिंग पीजी कोर्स शुरू किए जाने की घोषणा की थी। इसके लिए एडमिशन प्रक्रिया व फीस निर्धारण के लिए कमेटी भी गठित कर दी गई और सितम्बर से कमेटी एडमिशन पॉलिसी बनाने में जुट गई। चूंकि, आरटीयू नॉन इंजीनियरिंग पीजी कोर्सेज पहली बार शुरू कर रही थी, ऐसे में एडमिशन गाइड लाइन बनाना उसके लिए चुनौतिपूर्ण रहा। आरटीयू की एडमिशन कमेटी कभी राजस्थान विश्वविद्यालय तो कभी कोटा विश्वविद्यालय का मॉडल अपनाने को लेकर असमंजस में रही। आखिरकार, दिसम्बर  तक कमेटी एडमिशन प्रक्रिया व कोर्सेज की फीस निर्धारण से संबंधित गाइड लाइन नहीं बना सकी तो इस वर्ष से कोर्स शुरू करवाने से हाथ खड़े कर दिए।

4 माह तक असमंजस में रहे विद्यार्थी
एमएससी व एमए में 30-30 सीटों पर एडमिशन दिए जाने थे। आरटीयू द्वारा सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह से प्रवेश प्रक्रिया शुरू किए जाने के दावे किए जा रहे थे। ऐसे में विद्यार्थियों में एमए अंगे्रजी व एमएससी में दाखिला लेने की उत्सुकता बढ़ गई और एडमिशन ओपन होने का इंतजार करने लगे। लेकिन, अक्टूबर, नवम्बर तक भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। ऐसे में विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बन गई। इसी बीच दिसम्बर की शुरूआत में कोटा विवि द्वारा परीक्षा फॉर्म का पोर्टल खोल दिया गया। जब आरटीयू द्वारा साल के आखिरी महीने तक एमए व एमएससी कोर्स शुरू नहीं कर पाई तो छात्रों को मजबूरन स्वयंपाठी के रूप में कोटा विवि के एग्जाम  फॉर्म भरने पड़े। 

फिजिक्स, मैथ्स व कैमेस्ट्री में एमएससी
आरटीयू द्वारा वर्तमान शिक्षा सत्र 2024-25  में  फिजिक्स, मैथ्स व कैमेस्ट्री में एमएससी शुरू की जानी थी। इसके लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। क्योंकि, राजकीय महाविद्यालयों में सीटें सीमित होने के कारण रेगुलर एडमिशन नहीं मिल पाता। लेकिन, आरटीयू प्रशासन की लेटलतीफी के कारण हजारों विद्यार्थियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।  

Read More मुख्य सचिव ने ली आरपीएसीएस की समीक्षा बैठक, जैव विविधता संरक्षण व ईको-टूरिज्म पर जोर

अंगे्रजी, हृयूनिटी में एमए
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में 30-30 सीटों पर अंग्रेजी, ह्यूनिटी में एमए डिग्री कोर्स शुरू होना था। एमए इंग्लिश के प्रति विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया था। क्योंकि, शहर में मात्र गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज में ही अंगे्रजी में एमए करवाई जाती है। लेकिन वहां सीटे सीमित होने के कारण छात्र-छात्राओं का रेगुलर एडमिशन नहीं मिल पाता। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थी आरटीयू से उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन कोर्स शुरू नहीं होने से बड़ी संख्या में विद्यार्थी मायूस हो गए। 

Read More पटवार मंडलों के गठन का सवाल सदन में गूंजा, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा- नवीन गठन के लिए विभाग स्तर पर विचाराधीन नहीं

क्या कहते हैं विद्यार्थी
जब आरटीयू में इंग्लिश में एमए की जानकारी मिली थी तो हम एडमिशन लेने के लिए उत्साहित थे और बेसब्री से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि कोटा शहर में मात्र राजकीय कला महाविद्यालय कोटा में ही एमए इंग्लिश करवाई जाती है लेकिन सीटें कम होने से मेरिट हाई जाती है, जिसकी वजह से अधिकतर विद्यार्थियों को रेगुलर एडमिशन नहीं मिल पाता। ऐसे में आरटीयू  से उम्मीद थी। लेकिन यहां भी अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण कोर्स शुरू नहीं हो पाए। ऐसे में मजबूरी में स्वयंपाठी के रूप में कोटा विवि से एग्जाम फॉर्म भरना पड़ा। यदि, यह फॉर्म नहीं भरते तो आरटीयू के चक्कर में एक साल खराब हो जाता। 
 - हिमेश कुमावत, याज्ञेंद्र, राकेश नामा, छात्र 

Read More ईरान-इजरायल युद्ध का असर : जयपुर से खाड़ी देशों की 3 फ्लाइट्स रद्द, यात्री परेशान

टेक्नीकल यूनिवर्सिटी होने के नाते आरटीयू का इंफ्रास्ट्रेक्चर बेहतर है। ऐेसे में यहां से एमएससी करना चाहता था लेकिन दिसम्बर तक भी एडमिशन प्रोसेज शुरू नहीं होने से मजबूरी में गवर्नमेंट कॉलेज में ही प्राइवेट एडमिशन लेना पड़ा। यदि, नवम्बर तक भी प्रोसेज शुरू हो जाता तो एडमिशन ले सकते थे। आरटीयू प्रशासन की लापरवाही से कई विद्यार्थियों का साल खराब होने की नौबत आ गई।  
- हितेंद्र सिंह, विवेक अग्रवाल, छात्र 

इनका कहना है 
विभिन्न कारणों से आरटीयू में एमए व एमएससी पीजी कोर्सेज वर्तमान सत्र 2024-25 से शुरू नहीं कर पाए। हालांकि, कोर्स को लेकर नीति निर्धारण हो चुका है। अब आगामी सत्र 2025-24 से यह नॉन इंजीनियरिंग कोर्सेज शुरू किए जाएंगे। 
- प्रो. रंजन माहेश्वरी, चीफ प्रोक्टर आरटीयू

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

तरुण खटीक हत्याकांड के विरोध में सर्व हिंदू समाज का प्रदर्शन, SIT जांच व फास्ट ट्रेक कोर्ट में केस भेजने की मांग तरुण खटीक हत्याकांड के विरोध में सर्व हिंदू समाज का प्रदर्शन, SIT जांच व फास्ट ट्रेक कोर्ट में केस भेजने की मांग
दिल्ली के तरुण खटीक की हत्या के विरोध में जयपुर के फागी में सर्व हिंदू समाज ने आक्रोश जताया। व्यापारियों...
रूस ने 170 यूक्रेनी ड्रोनों को किया ढ़ेर, कलुगा हवाई अड्डे पर आने-जाने वाली उड़ानों पर अस्थायी प्रतिबंध
गौशाला में बदइंतजामी पर जूली ने लगाए आरोप : भाजपा सरकार में गौमाता का सिर्फ राजनीतिक उपयोग, कहा- गौमाता की बेकद्री की तस्वीर विचलित करने वाली
राहुल गांधी ने की बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग, प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग के लिए ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को रिश्वत की पेशकश; दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच शुरू
‘द बैटल ऑफ नरनौल’ पर खास लेखक सत्र: राव तुला राम की वीरता और 1857 के संग्राम की अनकही गाथा पर चर्चा
अरुण भारती का दावा: बिहार में विपक्ष बहुत कमजोर, राज्यसभा चुनाव की सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज करेगा राजग, "बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट" विजन पर जोर