खाते में पैसे नहीं और जारी कर दिए 20 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश
बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर हमले में कैयर टेकर रामदयाल की मौत का मामला
फंड की कमी से बिल पास नहीं होने से वन्यजीव विभाग ने इस संबंध में हैड आॅफिस को पत्र जारी कर मामले से अवगत करा दिया है।
कोटा। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर हमले में जान गंवाने वाले केयर टेकर रामदयाल के आश्रितों को 3 माह बाद भी मुआवजा राशि नहीं मिली है। हालांकि, विभाग ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश जारी कर दिए लेकिन सरकार के खाते में पैसे नहीं होने से ट्रेजरी ने बिल वापस लौटा दिया। इस पर वन्यजीव विभाग ने तुरंत मुख्यालय को पत्र भेज मामले से अवगत करा बैलेंस उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।
अब आगे क्या
फंड की कमी से बिल पास नहीं होने से वन्यजीव विभाग ने इस संबंध में हैड आॅफिस को पत्र जारी कर मामले से अवगत करा दिया है। अब मुख्यालय से खाते में बैलेंस डलवाया जाएगा। इसके बाद फिर से बिल ट्रैजरी भेजा जाएगा। जहां से बिल पास होकर मृतक केयर टेकर के खाते में मुआवजा राशि जमा हो सकेगी।
23 जनवरी को जारी हुआ था आदेश
वन्यजीव विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक केयर टेकर रामदयाल नागर के आश्रितों को 20 लाख रुपए मुआवजा राशि दिए जाने के मुख्य वन संरक्षक हॉफ द्वारा 23 जनवरी को आदेश जारी हुए थे। इस पर विभाग के अधिकारियों ने 25 जनवरी को बिल बनाकर ट्रेजरी भेज दिया। लेकिन, सरकार के खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने से बिल वापस लौटा दिया गया। ऐसे में पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि नहीं मिल पाई। जबकि, आश्रित परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
पुत्र को मिली कनिष्ट अभियंता की नौकरी
मृतक रामदयाल के पुत्र जितेंद्र नागर का कहना है, परिवार को आथिक परेशानियों का सामना करना तो पड़ा लेकिन वन्यजीव विभाग के स्टाफ व अधिकारियों ने हर कदम पर मदद की। सरकार ने एलडीसी के पद पर नौकरी के आदेश भी जारी कर दिए हैं। गुरुवार को ही मुझे आदेश की कॉपी मिली है। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में एलडीसी के पद पर नौकरी के आदेश मिले हैं।
यह है मामला
अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में गत वर्ष 27 आॅक्टूबर की शाम टाइगर नाहर ने केयर टेकर रामदयाल नागर पर हमला कर दिया था। गर्दन की हड्डी टूटने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। उनके शरीर पर 25 से 38 घाव के निशान थे। सबसे ज्यादा घाव गर्दन पर थे।
मृतक केयर टेकर रामदयाल के आश्रितों को 20 लाख रुपए मुआवजा राशि देने के आदेश 23 जनवरी को जारी हुए थे। हमें 25 जनवरी को मिले, इसी दिन हमने बिल दिया था। लेकिन, फंड की कमी से राशि रुक गई। इस संबंध में पत्र लिखकर हैड आॅफिस भेजा है। जल्द ही आश्रितों को मुआवजा राशि मिल जाएगी।
- सुनील गुप्ता, उप वन संरक्षक, वन्यजीव विभाग कोटा

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