अब जहां से टिकट बुक वहीं से बैठना जरूरी, ऐसे मामले में कार्रवाई करने की टीसी को हिदायत
रेलवे के नए नियम का कराया जा रहा सख्ती से पालन
विशेष टिकट जांच दल को सौंपा कार्रवाई का जिम्मा।
कोटा। सावधान अगर आप ने जिस स्टेशन से सफर का टिकट बुक कराया है और उस बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद टीसी की जांच में सीट पर नहीं मिले तो टीसी उसे खाली मानकर अगले वेटिंग वाले पैसेंजर को बर्थ अलॉट कर देगा। रेलवे बोर्ड और रेल प्रशासन ने यह नियम काफी पहले से लागू किया है। अब तक इसका सही ढंग से पालन नहीं कराया जा रहा था लेकिन 1 जनवरी से इसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है। इसके लिए हर टीसी को हिदायत दी गई है कि वे ऐसे मामले में कार्रवाई करें। वहीं दूसरी ओर टिकट की जांच के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं जो हर ट्रेन में आकस्मिक जांच करेंगी और बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। रेलवे प्रशासन द्वारा टिकट जांच प्रक्रिया में काफी पहले से ही बदलाव लाया गया है। जहां पहले पैसेंजरों की लिस्ट लेकर बर्थ की जांच की जाती थी, उसके स्थान पर सभी टीसी को टैब दिए गए हैं। इसके माध्यम से टीसी ट्रेन रवाना होने के बाद कोच में जाकर यात्रियों की टिकट की जांच कर उक्त टैब में उसकी उपस्थिति कंफर्म मान लेते हैं। इसके लिए बाकायदा रेल प्रशासन ने यह आदेश भी जारी किया था कि अगर कोई यात्री ट्रेन रवाना होने के कुछ देर बाद भी अगर अपनी सीट में नहीं पाया जाता है और टीसी टैब में उसे अनुपस्थित टिक करता है तो वह बर्थ अगले वेटिंग वाले पैसेंजर को अपने आप ही अलॉट हो जाएगी।
नए नियम के कारण पहले बरती जा रही थी नरमी
कोटा व जबलपुर भोपाल रेल मंडल में इस नियम को करीब पांच से छह माह पहले लागू कर दिया गया है और सभी टीसी को टैब देकर इसका पालन करने निर्देशित भी किया गया था, चूंकि प्रक्रिया नई होने के कारण टीसी द्वारा यात्रियों को हिदायत देकर छोड़ दिया जाता रहा है और काफी नरमी बरती जा रही थी मगर अब अधिकारियों ने इस नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। 1 जनवरी से इस नियम में सख्ती की जा रही है।
चलाया जा रहा विशेष अभियान
टिकट जांच का 15 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान ट्रेनों में टिकट की सख्ती से जांच के साथ ही प्लेटफॉर्मों पर इस बात की भी जांच की जाएगी कि प्रवेश व निकासी द्वार में टीसी ड्यूटी पर तैनात हैं कि नहीं, टीसी के नदारद पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
इनका कहना है
रेलवे द्वारा इस नियम को काफी पहले प्रभावी कर दिया गया है लेकिन टिकट चैकिंग दल द्वारा यात्रियों को राहत दी जा रही थी, अब इसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है।
- सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कोटा।
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