खरीदते समय बताई पार्किग की जगह, पंजीकरण के बाद सड़क पर वाहन

70 फीसदी वाहनों के हलफनामों में गलत जानकारी

खरीदते समय बताई पार्किग की जगह, पंजीकरण के बाद सड़क पर वाहन

जिससे आम नागरिकों को परेशानियों का तो सामना करना पड़ता ही है साथ ही सड़कों की चौड़ाई भी कम हो रही है।

कोटा। किसी व्यक्ति को वाहन खरीदने के बाद उसका पंजीकरण कराते समय वाहन को खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्थान होना आवश्यक है। जिसकी जानकारी वाहन मालिक पंजीकरण के समय हलफनामे के रुप में परिवहन विभाग को देता है। लेकिन कोटा में इसे लेकर बहुत बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। जहां परिवहन विभाग वाहन मालिक द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि किए बिना ही पंजीकरण संख्या जारी कर रहा है। हालात यह हैं कि शहर में इस तरह से पंजीकरण जारी होने के कारण हर गली मौहल्लें में वाहन सड़क पर ही खड़े मिलते हैं। जिससे आम नागरिकों को परेशानियों का तो सामना करना पड़ता ही है साथ ही सड़कों की चौड़ाई भी कम हो रही है।

70 फीसदी वाहनों के हलफनामे में गलत जानकारी
पड़ताल में सामने आया कि कोटा आरटीओ के पास पंजीकृत कुल वाहनों में से 70 फीसदी वाहनों के मालिकों द्वारा पार्किंग के लिए दिए एफिडेविट फर्जी हैं। क्योंकि वाहन मालिक भी खानापूर्ति पूरी करने के लिए एफीडेविट दे रहे हैं जिसका ना विभाग कोई क्रोस चैक कर रहा है। ना ट्रैफिक पुलिस कोई कारवाई जबकी गलियों में सड़कों पर खड़े वाहन किसी को भी नजर आ सकते हैं।

क्या कहते हैं नियम
शहरों में बढ़ती बेतहाशा अवैध पार्किंग के लिए साल 2012 में राजस्थान हाई कोर्ट ने जनहित याचिका पर आदेश देते हुए कहा था की सभी परिवहन विभाग वाहन का पंजीकरण उसके लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल होने पर ही जारी करेगा। अगर किसी व्यक्ति के पास अपने वाहन को खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है तो विभाग पंजीकरण जारी नहीं करेगा। जिसके लिए वाहन मालिक द्वारा हलफनामा जारी करके विभाग को सूचना देनी होगी की उसके पास वाहन खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह है। लेकिन वाहन मालिक द्वारा दी गई सूचना को बिना क्रोस चेक किए विभाग पंजीकरण जारी कर रहा है।

गलत हलफनामे पर सजा का प्रावधान 
वाहन को अवैध रुप से खड़ा करने पर 5 सौ से 1 हजार रुपए तक का जुर्माना लग सकता है या बार बार नियमों की अवहेलना करने पर वाहन जब्त किया जा सकता है। वहीं हलफनामे में गलत जानकारी देने पर वाहन मालिक के खिलाफ दंडात्मक कारवाई संभव है। क्योंकि हलफनाम के रुप में गलत जानकारी पेश करना कानूनन अपराध है। जिसमें जुर्माने से लेकर सजा तक का प्रावधान है।

Read More डूंगरपुर के युवाओं से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बजट संवाद, भर्ती और विकास पर हुई सार्थक चर्चा

शहर के हर इलाके में अवैध पार्किंग
शहर में हर इलाके में गली मौहल्लों में सड़कों पर वाहन खड़े मिल जाएंगे। वाहन मालिक और परिवहन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत का नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है। क्योंकि विभाग पुष्टि के नाम पर फोरी कारवाई करके पंजीकरण जारी का देता है। लेकिन उससे होने वाली परेशानियों को नजरंदाज कर देता है। वहीं शहर में पोश कॉलोनियों से लेकर कच्ची बस्तियों तक हालात समान है। जिसे जहां जगह मिलती है वो वहीं वाहन खड़ा कर देता है जो आमजन के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। 

Read More युवाओं को बिना खर्ची-बिना पर्ची मिल रही सरकारी नौकरियां, कांग्रेस मुद्दा विहीन : राजेंद्र राठौड़

लोगों का कहना है
कई लोग अपने वाहनों को गली में सड़कों पर ही खड़ा कर देते हैं। जिससे सड़क की चौड़ाई भी कम होती है और दूसरे वाहन को निकालने में भी परेशानी होती है। विभाग की लापरवही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
-अक्षय पारेता, डीसीएम

Read More जेडीए में ई-जनसुनवाई : 48 प्रकरणों पर सुनवाई, 19 का मौके पर ही निस्तारण

सड़कों पर खड़े होने वाले इन वाहनों से बहुत परेशानी होती है। अगर किसी गली में एक साथ दो वाहन चले जाएं तो निकलना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को इनके खिलाफ कारवाई करनी चाहिए।
-कविश जैन, कंसुआ

इनका कहना है
वाहन मालिकों से पंजीकरण की प्रक्रिया के समय पार्किंग के लिए स्थान की उपलब्धता को लेकर हलफनामा लिया जाता है। कोई अगर गलत जानकारी देता है तो गलत है। स्टॉफ की कमी होने से क्रॉस चैक नहीं कर पाते, शिकायत आने पर कारवाई की जाती है। 
-अर्जुन सिंह राठौर, क्षेत्रिय परिवहन अधिकारी, कोटा

अवैध से रुप से खड़े होने वाले वाहनों पर निरंतर कारवाई की जा रही है। आवासीय ईलाकों में शिकायत आने पर कारवाई करते हैं। पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान की पुष्टि करना परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है।
-पूरण सिंह मीणा, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, कोटा

Post Comment

Comment List

Latest News

ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना : दौसा एवं सवाई माधोपुर जिलों के1256 गांवों एवं 6 कस्बों में होगी पेयजल आपूर्ति, 4 हजार 58 करोड़ खर्च ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना : दौसा एवं सवाई माधोपुर जिलों के1256 गांवों एवं 6 कस्बों में होगी पेयजल आपूर्ति, 4 हजार 58 करोड़ खर्च
राजस्थान लंबे समय से पानी की कमी से जूझता रहा जिससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होता है बल्कि ग्रामीण...
उन्नाव रेप: कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, पिता की मौत मामले में सज़ा निलंबित करने से इनकार
ट्रंप का लीक पत्र: 'नोबेल नहीं मिला, अब शांति मेरी प्राथमिकता नहीं, ग्रीनलैंड पर चाहिए पूर्ण नियंत्रण'
मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से हो रहा आर्थिक सशक्तीकरण, समाज के वंचित तबके को रियायती ऋण देकर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बना रही राज्य सरकार
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: कर्नल सोफिया कुरैशी मामले में मंत्री विजय शाह पर 2 हफ्ते में फैसला ले सरकार
21 जनवरी को मंत्रिमंडल  की बैठक, विधानसभा में रखे जाने वाले कानूनों को मंजूरी मिलने के असर
'धमकियों से डरने वाले नहीं...',ग्रीनलैंड तनाव, यूक्रेन के लिए खतरे का संकेत