लाल टमाटर : दाम की धीमी होने लगी आंच
खुश खबरी : आज से टमाटर के दाम 200 से टूटकर 100 रुपए किलो पहुंचे
टमाटरों की बढ़ी कीमतों ने आम आदमी के बजट को हिलाकर रख दिया था।
कोटा। पूरे देश में टमाटर को लेकर मचा हाहाकार अब थमने लगा है। रसोई में स्वाद के राजा टमाटर के दाम में कमी आने लगी है। कोटा शहर की प्रमुख मंडी में शनिवार को महाराष्टÑ से टमाटर की आवक अधिक होने से थोक में 100 रुपए किलो बिका। पिछले 24 घंटे में ही टमाटर के दाम 200 रुपए से टूटकर 100 रुपए किलो पर आ गए। अधिक आवक से खुदरा में भी टमाटर 120 से 130 रुपए किलो के बीच बेचा गया। एक-दो दिन में टमाटर के दामों में और कमी आएगी। कोटा शहर में पिछले कुछ दिनों से टमाटर की कीमतें आसमान छू रही थी। टमाटरों की बढ़ी कीमतों ने आम आदमी के बजट को हिलाकर रख दिया था। तमाम जगहों पर भारी बारिश के कारण सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके कारण टमाटर ही नहीं, बल्कि कई अन्य सब्जियां भी महंगी हो गई थी। कोटा शहर में एक माह से टमाटर 160 रुपए प्रति किलो में बिक रहा था। इसके बाद अचानक से इसके दाम में तेजी आई और कोटा शहर की प्रमुख मंडी में कुछ दिनों पहले टमाटर का दाम 200 रुपए किलो हो गया था। ऐसे में सब्जी मंडियों में टमाटर की बिक्री भी काफी कम हो गई थी।
फैक्ट फाइल
200 रुपए किलो पहले टमाटर का दाम
100 रुपए किलो अब टमाटर का दाम
600 से 700 कैरेट पहले माल की आवक
2000 कैरेट अब माल की आवक
80 रुपए किलो में सरकार ने बेचे
अधिक आवक से टूटे दाम
कोटा थोक फलसब्जी मंडी के व्यापारियों ने बताया कि महाराष्टÑ व हिमाचल प्रदेश में असमय बारिश से टमाटर की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। इस कारण पूरे देश में टमाटर की किल्लत हो गई थी। सभी जगह पर केवल बेंगलुरु से ही टमाटर की आपूर्ति हो रही थी। दूरदराज के कारण किराया ज्यादा लगने से इसके भाव में लगातार इजाफा हो रहा था। अब महाराष्टÑ में फसल तैयार होते ही टमाटर की बिक्री होने लगी है। ऐसे में कोटा मंडी में माल की आवक बढ़ते ही दाम में काफी गिरावट आ गई। इससे लोगों को अब काफी राहत मिलेगी।
तब सस्ता टमाटर लेने उमड़े थे ग्राहक
टमाटर के दाम में भारी उछाल के चलते भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ( एनसीसीएफ) ने देश के विभिन्न राज्यों में सस्ती दर टमाटर की बिक्री शुरू की थी। राजस्थान में जयपुर और कोटा में वाहनों से माध्यम से टमाटर भेजे गए थे। कोटा शहर में भी गत 16 जुलाई से विभिन्न स्थानों पर वाहन खड़े कर 80 रुपए प्रति किलो में टमाटर बेचे गए थे। उस समय टमाटर का बाजार भाव 160 रुपए प्रति किलो था। ऐसे में सस्ती दर पर टमाटर बिकने की जानकारी मिलते ही ग्राहक लेने के लिए दौड़ पड़े थे। पहले दिन ग्राहकों ने कतारों में खड़े होकर टमाटर खरीदे थे। शहर में लगभग पांच दिन तक वाहनों के माध्यम से टमाटर बेचे गए थे। इसके बाद अचानक से इसकी बिक्री बंद कर दी गई थी।
दो हजार कैरेट माल आया
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि टमाटर उत्पादक राज्यों में फसल खराब होने और खरीदारी कम रहने के कारण पिछले कुछ दिनों से टमाटर की आवक काफी कम हो रही थी। धानमंडी स्थित थोक फलसब्जी मंडी में केवल 600 से 700 कैरेट माल प्रतिदिन आ रहा था। महाराष्टÑ में फसल तैयार होते ही व्यापारियों ने काफी मात्रा में माल का आर्डर कर दिया था। इस कारण शनिवार को 2000 कैरेट माल आते ही टमाटर के दाम 50 प्रतिशत से टूट गए। शुक्रवार को 200 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर शनिवार को 100 रुपए किलो में बिका। वहीं खुदरा में भी टमाटर 120 से 130 रुपए के किलो के बीच बेचा गया।
टमाटर बाजार से गायब सा हो गया था। कुछ स्थानों पर टमाटर मिल रहा था लेकिन उसे ग्राहक नहीं खरीद रहे थे। सब्जी का स्वाद बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। अब दाम घटने से काफी राहत मिलेगी। पहले दाम अधिक होने से घरेलू बजट गड़बड़ा रहा था।
- प्रियंका कुमारी, गृहिणी
पहले केवल बैंगलुरु से टमाटर के कैरेट आ रहे थे। जिससे दाम में तेजी बनी हुई थी। अब महाराष्टÑ में फसल तैयार होने के बाद माल बिकने लगा है। जिससे शनिवार को मंडी में 2 हजार कैरेट माल आया। इससे दाम में कमी आ गई है। एक-दो दिन में दाम 80 से 90 रुपए किलो पर आ जाएंगे।
- शब्बीर वारसी, महासचिव आदर्श कोटा थोक फू्रट एण्ड वेजीटेबल मर्चेंट यूनियन

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