विकसित भारत की कल्पना शिक्षा में एआई एजेंट के बिना अधूरी
एआई एजेंट से ही मिल सकेगी सस्टेनेबल लर्निंग
कोटा। दैनिक नवज्योति की मासिक परिचर्चा की श्रंखला के तहत शुक्रवार को दैनिक नवज्योति कार्यालय में टॉक शो का आयोजन किया गया। इस टॉक का विषय (केन एआई एजेन्ट ट्रांसफोर्म एजुकेशन सिस्टम) क्या एआई एजेन्ट शिक्षा व्यवस्था में बदलाव ला सकता है विषय रखा गया था। परिचर्चा में राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी, कोटा यूनिवर्सिटी,शिक्षा विभाग के अधिकारी, एआई ट्रेनर,ई-लाइब्रेरी अध्यक्ष,टीचर, स्टूडेंट के साथ ही पैरेन्टस ने भी हिस्सा लिया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा तब परिवर्तनकारी बनती है जब वह पूरे व्यक्तित्व का विकास करती है। सस्टेनेबल लर्निंग,जो जीवनभर काम आए। , जो सतत विकास दे। एआई एजेन्ट तकनीक, पहली बार, हमें इस अवधारणा को बड़े पैमाने पर लागू करने की अनुमति देती है। एआई हर बच्चे को एक व्यक्तिगत ट्यूटर प्रदान कर सकता है जो उनकी मातृभाषा बोलता है, उनकी सीखने की गति के अनुसार ढलता है और व्यक्तिगत तरीकों से विचारों को प्रस्तुत करता है। यह समझ में कमी को पहचान सकता है और सभी भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लोकतंत्रीकरण कर सकता है। लेकिन यह भी याद रखना होगा कि एआई मशीनी है। उसकी सीमाएं हैं जिसे हमें पहचानना जरूरी है। प्रस्तुत है परिचर्चा के अंश:-
सस्टेनेबल लर्निंग में एआई एजेंट की मुख्य भूमिका
सस्टेनेबल लर्निंग में एआई एजेंट की मुख्य भूमिका है। एआई एजेन्ट विद्यार्थियों की सीखने की गति, रुचि और कमजोर विषयों का विश्लेषण करके उनके लिए व्यक्तिगत अध्ययन योजना बना सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी विद्यार्थी को कठिनाई होती है, तो एआई उसे सरल भाषा में समझा सकता है, अतिरिक्त अभ्यास दे सकता है और उसकी गलतियों के आधार पर दोबारा पढ़ा सकता है। आज बड़े कोचिंग एआई एजेन्ट के माध्यम से ही काम कर रहे हैं। शिक्षकों के लिए भी एआई एजेंट उपयोगी हो सकते हैं। वे प्रश्नपत्र तैयार करने, उत्तरों का प्रारंभिक मूल्यांकन करने, विद्यार्थियों की प्रगति का विश्लेषण करने और शिक्षण सामग्री तैयार करने में सहायता कर सकते हैं। इससे शिक्षकों का प्रशासनिक काम कम होगा और वे विद्यार्थियों पर अधिक ध्यान दे पाएंगे।
-प्रो. रीना दाधीच, एचओडी कम्प्यूटर साइंस डिपा. कोटा विश्वविद्यालय
प्राइमरी के बाद हो एआई एजेन्ट का उपयोग
एआई एजेन्ट का उपयोग जिस तेजी से हो रहा है उससे शिक्षा का क्षेत्र भी अछूता नहीं है। एआई एजेंट जानकारी व डेटा का खजाना है। इसका उपयोग किया ही जाना चाहिए। समय के साथ चलना जरूरी है। लेकिन मेरा मानना है कि इसका उपयोग बच्चों को प्राइमरी के बाद ही कराना चाहिए। इसके अच्छे बुरे दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक पहलू को अपनाया जाए तो इससे लाभ होगा। जबकि इसका दुरूपयोग करने पर बच्चों में निराशा बढ़ रही है। एआई व एआई एजेंट अच्छे हैं लेकिन इनका उपयोग सीमित दायरे में ही होना चाहिए।
-संदीप अग्रवाल डायरेक्टर स्प्रिंगडेल्स ग्रुप आॅफ स्कूल्स
शिक्षा की व्यवस्था में बदलाव आएगा
नेचुरल इंटेलीजेंसी को कोई सानी नहीं। जीवन के लिए यह सबसे जरूरी है। शिक्षा की व्यवस्था में बदलाव आएगा। तकनीक का समावश शिक्षा में जरूरी है। एआई एजेन्ट शिक्षा में बदलाव का बड़ा सहायक हो सकता है। लेकिन नेचुरल इंटेलिजेंसी भी जरूरी है। वह तभी आ सकती है जब बच्चे का थोट प्रोसेस ,लर्निंग प्रोसेस सही होगा। एआई एजेन्ट हर बच्चे को अलग सहायक दे सकता है लेकिन उसमें तर्क की क्षमता,धैर्य,और साहस कैसे देगा। आज बच्चे धैर्य नहीं रखते। सब कुछ फटाफट चाहिए। एआई एजेन्ट बच्चों को एक सांचे में सिखा सकता है। लेकिन हर एक की कैपेबिलिटी ,एडाप्शन पॉवर अलग होती है। लेकिन इस पर पूरी तरह से निर्भर नहीं रहा जा सकता। नेचुरल इंटेलीजेंसी का कोई सानी नहीं है।
-डॉ. पूनम जायसवाल आचार्य जेडीबी कॉलेज कोटा
एआई एजेन्ट तेजी से हमारे जीवन का हिस्सा बन रहा
आज के डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)एजेन्ट तेजी से हमारे जीवन का हिस्सा बन रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में एआई ाएजेंट एक महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकते हैं। एजेंट ऐसे बुद्धिमान सिस्टम हैं जो विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को समझकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से सीखने में सहायता कर सकते हैं। एआई एजेन्ट शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं वकालत, डॉक्टर, इंजीनियर सभी पैशे में काम कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में इवेल्यूशन करते हुए एआई एजेन्ट हर किसी की क्षमता के अनुरूप उसे सही निर्णय लेने में मदद करता है। एआई एजेन्ट ऐसा प्रोग्राम होता है जिसमें उस पैशे का सब कुछ समाहित होता है। इसका उपयोग यूनिवर्सिटीज में ही नहीं प्रत्येक स्तर पर सहायक हो सकता है। एआई एजेन्ट के उपयोग को नकारा नहीं जा सकता। आज के बच्चे जैन बीटा हैं। वे एआई एजेंट के उपयोग से जिस तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जबकि शिक्षा व्यवस्था अभी भी पुराने ढर्रे पर अटकी हुई है। एआई एजेंट को स्वीकार करते हुए शिक्षा पद्यति में बदलाव करना होगा।
-मनीष चतुर्वेदी प्रो.राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी कोटा
एआई एजेंट
-व्यक्तिगत शिक्षा
- विद्यार्थी किसी भी समय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
-तेज प्रतिक्रिया, नियमित कार्यों में मदद कर सकते हैं।
- सीखने को अधिक रोचक बना सकता है।
-बेहतर पहुँच,विद्यार्थियों की मदद कर सकता है।
- भाषा सीखने में सहायता,अभ्यास करने में मदद कर सकते हैं।
- विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर, मजबूत क्षेत्रों की पहचान कर सकता है।
टेक्नोलॉजी के साथ चलना ही होगा
आज के समय में अब कंटेंट और प्रॉब्लम सॉल्विंग का तो इशू ही नहीं है। एआई एजेन्ट के द्वारा विद्यार्थियों को समस्या का समाधान तुरंत मिलता है। जिसके चलते विद्यार्थी और टीचर के माध्यम संवाद लगातार खत्म हो रहा हैं। जितने भी टूल्स आ रहे हैं, टेक्निकल्स आ रहे हैं। अगर आपको आगे जीना है तो आज के समय में टेक्नोलॉजी के साथ चलना होगा। कोई जरूरी नहीं कि जो स्किल आपने परसों सीखी थी वो आज काम आएगी, वो बिल्कुल पॉसिबल नहीं है। आप सोचिए अगर स्कूल का टीचर ना भी पढ़ा पाए, तो घर के पेरेंट्स इतने क्वालिफाइड हों या आप उतने अच्छे यूजर हों कि वो उसको पढ़ा पाएं। लेकिन मानिए जब कोई मरीज किसी हॉस्पिटल में जाता है वहां पर डॉक्टर उसको बोल देता है कि तुम जल्दी ठीक हो जाओंगे तो मरीज सच में खुश हो जाता है। ये काम एआई एजेंट नहीं कर सकता हैं।
-डॉ़ दीपक कुमार श्रीवास्तव, संभागीय पुस्तकालय अध्यक्ष , राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय कोटा
कॉन्सेप्ट बदलाव के लिए जरूरी
एआई एजेंट कॉन्सेप्ट समय के साथ बदलाव के लिए जरूरी है। शिक्षा विभाग इस पर लगातार काम कर रहा यह बहुत अच्छा है। सरकार भी इसके उपयोग पर जोर दे रही है। युवा पीढ़ी इसके लिए तैयार है और उपयोग भी कर रही है। हालांकि सरकारी स्कूलों में कई शिक्षक काफी पुराने हैं। वे अनुभवी तो हैं लेकिन इस बदलाव के लिए अभी न तो शिक्षक तैयार हैं और न ही स्कूल। कुछ समय जरूर लगेगा । शिक्षकों को प्रशिक्षण के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। एआई शिक्षकों का सशक्त साथी बन सकता हैै। इसके उपयोग से शिक्षा जगत में कई परिवर्तन हो रहे हैं। एआई एजेंट के उपयोग से हर चीज तक पहुंच आसान हो गई है।
-आशा मंडावत संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग
टीचर का कोई रिप्लेसमेंट नहीं
स्टूडेंट को मानवीय संवेदना से परिपूर्ण बनाना है तो टीचर का कोई रिप्लेसमेंट नहीं है। में छात्रा होने के नाते यहीं कहना चाहूंगी की एआई एजेन्ट केवल आइडिया दे सकता है। फिर भी हमे टीचर की जरूरत पड़ती हैं। एआई विद्यार्थियों के दिमाग को कमजोर भी कर रहा हैं। साथ ही उनकी रचनात्मकता को भी खत्म कर रहा हैं। कई बार एआई गलत आंसर भी देता है जिसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ता हैं, जो सोचने समझने की क्षमता इंसान में होती है वह एआई एजेन्ट में नहीं होती हैं।
-चित्रांशी कंवर गौड़, छात्रा , राजकीय महाविघालय, कोटा
एआई एजेन्ट गाइड नहीं कर सकता
एआई का पढ़ाई में उपयोग करने से सिलेबस तो आसानी से समझा जा सकता हैं। पर साथ ही कई बार इसमें जल्दी के कारण सही ढ़ग से प्रश्न नहीं पूछ पाते है । वहां विद्यार्थियों को गलत उतर भी मिलता है। यह यूं भी कह सकते हैं कि प्रोम्प्ट सही तरीके से नहीं दिया तो जवाब भी वैसा ही मिल सकता है। इसका उपयोग उतना ही करना चाहिए जितना जरूरी हो। टीचर हमें गाइड करते हैं पर एआई एजेन्ट गाइड नहीं कर सकता हैं। एआई का उपयोग से लाभ के साथ-साथ हानि भी हैं। इस का भी ध्यान रखना चाहिए।
- खुशी, (जेन जी छात्रा), प्लेयर महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी
क्लास लर्निंग तो जरूरी ही है
एआई हमें सीखा सकता हैं पर वहां टीचर की तरह हमसे संवाद नहीं कर सकता हैं। जो फीड है वही वह एआई एजेन्ट कहता है। एआई हमारे द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब दे सकता हैं पर उन प्रश्नों को भी सही तरीके से पूछा गया है,वरना कई बार एआई गलत आंसर भी देता है। इस का भी ध्यान हमें रखना होगा। जिस प्रकार से टीचर विद्याथियों को समझाता है वह एआई में देखने को नहीं मिलता हैं। क्लास लर्निंग तो जरूरी ही है।
-अक्षी पंचोली, छात्रा
कठिन चीजों को सरल बना रहा है
एआई एजेंट का शिक्षा के क्षेत्र में अधिक उपयोग हो रहा है। युवा पीढ़ी इसका अधिक उपयोग कर रही है। इसके माध्यम से हर चीज तैयार मिल रही है। फिर रचनात्मकता का क्या। कठिन चीजों को सरल बना रहा है। सूचनाओं का खजाना है एआई एजेन्ट। लेकिन इसका उपयोग सीमित होना चाहिए। एआई एजेन्ट मानवीय मूल्य नहीं दे सकता है। एआई का अधिक उपयोग होने से मानवता समाप्त हो रही है। कोई भी घटना होने पर लोग वीडियो बनाने लगते हैं लेकिन मदद को हाथ नहीं बढ़ाते। ऐसा भी नहीं होना चाहिए।
-शोभा घाटिया, अध्यापिका राउप्रावि.वक्फ नगर
शिक्षकों को तैयार कर रहे हैं
शिक्षा के क्षेत्र में इसका उपयोग कर शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उनहें छात्रों का उत्साह बनाए रखने और तार्किक क्षमता विकसित करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। जिससे शिक्षकों की स्किल बढ़ सके। उन्हें स्वयं को जानकारी होगी तो वे बच्चों को शिक्षित कर सकेंगे। एआई एजेंट व्यक्ति के सोचने का दायरा बढ़ा रहा है। हालांकि एआई एजेन्ट मशीन है। इसकी अपनी सीमाएं हैं। इसमें जिस तरह का कमांड देंगे यह उसी तरह की सूचना व जानकारी उपलब्ध करवाएगा।
-मिनी गुप्ता सीनियर प्रोग्राम लीडर पीरामल फाउंडेशन
एआई एजेंट शिक्षा जगत में नई क्रांति ला सकता
एआई एजेंट शिक्षा जगत में नई क्रांति ला सकता है। बात इसके उपयोग और मानसिकता की है। हमें सूचनाएं व जानकारी तो मिल रही है। लर्निंग प्रोसेस को यह ईजी करता है। लेकिन लोगों की सोचने की शक्ति कमजोर हो रही है। बच्चों को एआई एजेंट का कितना और कहां उपयोग करना चाहिए। बच्चों की इस क्षमता को पहचानने में शिक्षकों की भूमिका अहम भूमिका है। एआई एजेंट के सही उपयोग के बारे में बताने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों की है।
-वैशाली भार्गव, सॉफ्ट स्किल्स ट्रैनर, रोटरी क्लब कोटा
एआई एजेन्ट समय की जरूरत
परिवर्तन प्रकृति का नियम है। एआई एजेन्ट का उपयोग आज की आवश्यकता है। इसके माध्यम से हर समस्या का समाधान मिल रहा है। इसका रचनात्मक उपयोग करना व्यक्ति पर निर्भर करता है। इसके उपयोग से लोगों का काम तो आसान हो रहा है लेकिन इसके उपयोग में दिमाग का इस्तेमाल करना होगा। एआई ज्ञान का खजाना है और नई सोच को विकसित कर रहा है। नई सोच ला रहा है। आने वाली पीढीÞ के लिए यह जरूरी है। यह पीढ़ी हमसे बुहत आगे है। लेकिन इसकी लिमिट पर भी फोकस की जरूरत है।
-नरेन्द्र जैन, एओडी कम्प्यूटर डिपा. गवर्नमेंट पालीटेक्निक कॉलेज कोटा
ज्ञान का खजाना है एआई एजेंट
एआई एजेंट ज्ञान का खजाना है। इसका उपयोग कर बच्चे तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। हालत यह है कि युवाओं व बच्चों को इसकी लत लग चुकी है। एआई एजेंट का उपयोग करने से बच्चों को ज्ञान व जानकारी तो मिल रही है लेकिन यह व्यवहारिक ज्ञान नहीं देता। इसका अधिक उपयोग करने वाले बच्चों के नेचुरल ज्ञान पर फर्क पड़ रहा है। बच्चों की सोचने की क्षमता खत्म होती जा रही है। ऐसे में एआई एजेंट का उपयोग तो हो लेकिन सीमित तरीके से।
-दीप्ति राजावत, पैरेन्ट्स एवं प्रेसिडंट रोटरी क्लब पदमिनी
शिक्षा व्यवस्था बदल देगा
हां एआई एजेन्ट शिक्षा की व्यवस्था को बदल सकता है। बदलाव की जरूरत भी है। लेकिन जितनी जरूरत है उतना ही करना चाहिए । इस पर ज्यादा निर्भरता ठीक नहीं। जो एवेलेबल नहीं है उसके लिए एजेन्ट का सहारा लेना चाहिए। एआई एजेन्ट एक गुरू की तरह गाइड़ नहीं कर सकता हैं। देखा जाएं तो एआई की वजह से बच्चों का काँफिडेंस लेवल भी कमजोर हो रहा हैं। जब तक बच्चा टीचर से संवाद नहीं करता , तब तक बच्चे को समझने में कुछ नहीं आता हैं।
-आरती गुर्जर, विद्यार्थी कोटा विवि
शिक्षण व्यवस्था की शक्ति
तेजी से बदलते समय में जहां तकनीक का उपयोग तेजी से हो रहा है ऐसे में एआई एजेंट शिक्षण व्यवस्था की मुख्य शक्ति बन सकता है। परिपूर्ण शिक्षा के लिए एआई एजेन्ट बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि यह शिक्षक का विकल्प नहीं हो सकता लेकिन शिक्षक की शक्ति जरूर है। एआई एजेंट का उपयोग कर कई तरह से प्रश्नपत्र तैयार किए जा सकते हैं। इसका उपयोग जानकारी जुटाने में व सही उपयोग में लिया जा सकता है।
-दिनेश कुमार कसेरा, व्याख्याता राउमावि पीपल्दाकला कोटा

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