रेलवे के कंबल की बदलेगी तस्वीर, हर यात्रा के बाद बदला जाएगा कवर
नवंबर तक सभी ट्रेनों के एसी कोच में होगी व्यवस्था
जयपुर। यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए उत्तर-पश्चिम रेलवे ने कंबल को लेकर नई पहल शुरू की है। अब यात्रियों को कंबल के साथ अलग कवर दिया जा रहा है। जयपुर मंडल की चार ट्रेनों के सभी एसी कोच में यह सुविधा लागू हो चुकी है, जबकि बीकानेर और जोधपुर मंडल की कुछ ट्रेनों में चुनिंदा एसी कोच में कवर उपलब्ध कराया जा रहा है। रेलवे में इस पहल की शुरुआत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर-असारवा ट्रेन में सांगानेरी प्रिंट वाले कंबल कवर के साथ की थी। कवर मिलने से यात्रियों में रेलवे के कंबल की स्वच्छता को लेकर भरोसा बढ़ा है। बीकानेर और जोधपुर मंडल की कई ट्रेनों में यह सुविधा अभी फर्स्ट एसी, ए-1, ए-2 या अन्य चुनिंदा कोच में दी जा रही है।
इन ट्रेनों में मिल रहा कंबल कवर : जयपुर-भोपाल एक्सप्रेस, जयपुर-असारवा सुपरफास्ट, जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस और जयपुर-उदयपुर सुपरफास्ट के सभी एसी कोच में कवर दिया जा रहा है। बीकानेर-दिल्ली सराय सुपरफास्ट, जोधपुर-दिल्ली सराय सुपरफास्ट, जोधपुर-मंडोर एक्सप्रेस और जोधपुर-बांद्रा सूर्यनगरी एक्सप्रेस में भी चुनिंदा एसी कोच में यह सुविधा उपलब्ध है।
कंबल कवर की धुलाई भी होगी : हर यात्रा के बाद कवर को बदला जाएगा और धुलाई के लिए भेजा जाएगा। इससे कंबल की स्वच्छता बेहतर रखने में मदद मिलेगी।
टॉयलेट को बनाया लिनेन स्टोर : अतिरिक्त कवर और बढ़े हुए लिनेन स्टॉक को रखने के लिए रेलवे ने एक एसी कोच के टॉयलेट को मॉडिफाई कर लिनेन स्टोरेज रूम बनाया है।
रेलवे के सामने अब पर्याप्त कवर की उपलब्धता, धुलाईए पैकिंग और समय पर ट्रेनों तक दोबारा सप्लाई की चुनौती है। 25 जोड़ी ट्रेनों में सुविधा शुरू: उत्तर पश्चिम रेलवे पर संचालित 25 जोड़ी ट्रेनों के एसी कोच में यह सुविधा शुरू कर दी गई है। अगले तीन माह में सभी ट्रेनों में कर लिया जाएगा। इससे यात्री सुविधा के साथ स्वच्छ यात्रा का लाभ ले सकेंगे।
-अमित सुदर्शन, सीपीआरओ

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