करोड़ों के दावों के बीच मूलभूत सुविधाओं को तरसते वार्ड, बारिश में नाले बन रहे आफत

कहीं पार्क तो कहीं डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन का अभाव, सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में

करोड़ों के दावों के बीच मूलभूत सुविधाओं को तरसते वार्ड, बारिश में नाले बन रहे आफत
नालों की सफाई नहीं होने से ब्रजराज कॉलोनी, मस्जिद चौक और नेहरू कॉलोनी में जलभराव, घरों तक पहुंच रहा गंदा पानी ।

कोटा। शहर के चार वार्डों की ऑडिट में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। वार्ड क्षेत्र में रहने वाले लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। कहीं नालों की सफाई नहीं होने से बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या विकराल हो जाती है तो कहीं पार्क, डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन जैसी जरूरी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। सफाई व्यवस्था की स्थिति भी कई इलाकों में संतोषजनक नहीं है।

नाले जाम, बारिश में घरों तक पहुंचता है गंदा पानी
वार्ड क्षेत्र की ब्रजराज कॉलोनी और नेहरू कॉलोनी में नालों की नियमित सफाई नहीं होने की समस्या सामने आई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान नालियां और नाले जाम हो जाते हैं। पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़कों पर गंदा पानी भर जाता है और कई बार यह पानी घरों तक पहुंच जाता है। जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। लंबे समय से नालों की सफाई और स्थायी जल निकासी की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

पार्क, डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन की दरकार
ऑडिट के दौरान कई क्षेत्रों में लोगों ने बताया कि वार्ड में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पर्याप्त पार्क नहीं हैं। वहीं जरूरत के बावजूद डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं भी कई जगह उपलब्ध नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्हें जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। जगह-जगह गंदगी और नियमित सफाई नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।

करोड़ों के काम हुए तो नजर क्यों नहीं आते?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब वे समस्याओं को लेकर पार्षद से सवाल करते हैं तो जवाब मिलता है कि वार्ड में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए गए हैं। लोगों का सवाल है कि यदि इतने बड़े स्तर पर काम हुए हैं तो वे नजर क्यों नहीं आ रहे? उनका कहना है कि पार्षद का चुनाव इसलिए होता है कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को समझे और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करवाए। लेकिन चुनाव जीतने के बाद कई बार जनप्रतिनिधियों का व्यवहार बदल जाता है और लोगों की शिकायतों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई देती।

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पूर्व पार्षद अनूप कुमार
वार्ड में सामुदायिक भवन का अभाव है। हालांकि क्षेत्र में सुलभ कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद वार्ड की साफ-सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाते, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।

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पूर्व पार्षद नीलोफर
वार्ड में करीब 25 वर्षों से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी, जिसका समाधान करवाया गया। मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया। वर्षों पुरानी कचरा पॉइंट की समस्या खत्म कर वहां पार्क विकसित करवाया। वहीं करीब 40 वर्षों से सफाई और मरम्मत का इंतजार कर रहे नालों की रिपेयरिंग करवाकर व्यवस्था में सुधार किया गया।

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पूर्व पार्षद ममता कंवर
पूर्व पार्षद ममता कंवर ने बताया कि वार्ड में पार्क की कमी है। उनके कार्यकाल के दौरान जरूरत के अनुसार नालियों का निर्माण करवाया गया। उन्होंने कहा कि वार्डवासियों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समय-समय पर उनके समाधान का प्रयास किया जाता रहा। वर्तमान में वार्ड में कोई बड़ी समस्या नहीं है, हालांकि मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत है।

वार्डवासी शिवा मद्रासी
क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या नाले की है। नियमित सफाई नहीं होने से नाला जाम हो जाता है। बारिश के दौरान नाले का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर घरों तक पहुंच जाता है। वार्ड में सामुदायिक भवन भी नहीं है। इसके अलावा साफ-सफाई व्यवस्था का भी अभाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वार्ड नंबर व क्षेत्र
-वार्ड नंबर 21 में काली बस्ती, हनुमान बस्ती, थर्मल पावर स्टेशन, चंबल कॉलोनी, लक्ष्मी मैरिज गार्डन, समय विद्या निकेतन स्कूल, मुन्ना टेलर्स, सीनियर लेडीज टेलर्स, असगर अली का मकान, रोज ब्यूटी पार्लर, हरिजन बस्ती, कुंदकुंद आवासीय योजना, फॉरेस्ट चौकी, पंचशील कॉलोनी, समस्त दुर्गा नगर, सुभाष नगर, सगसजी महाराज, न्यू थर्मल कॉलोनी, जी-मार्ट, मस्जिद, नेवालाल मैरिज गार्डन, बजरंगपुरा एवं आरएसईबी कार्यालय क्षेत्र शामिल हैं।
-वार्ड नंबर 41 में हरिजन बस्ती, राजभवन क्षेत्र, जेके लोन अस्पताल, आयुर्वेदिक अस्पताल, इस्माइल चौक, बग्गी खाना, ब्रजराज कॉलोनी, नेहरू कॉलोनी, मस्जिद चौक, एमबीएस अस्पताल, सिविल लाइंस, कोलीपाड़ा का आंशिक क्षेत्र, प्रकाश क्लिनिक सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
-वार्ड नंबर 42 में शीतला माता मंदिर, गोरी आश्रम, हरिजन बस्ती, बापू बस्ती, रामदेवजी का मंदिर, देवनारायण मंदिर, बीड़ के बालाजी, सरकारी स्कूल, न्यू सरस्वती विद्या मंदिर, जय अम्बे टेंट हाउस एवं राजपूत किराना स्टोर सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।
-वार्ड नंबर 43 में पुरानी कुन्हाड़ी व हवेली, चंबल पुलिया का निचला हिस्सा, रिद्धि राज टावर, बूंदी सिलिका, बिजासन माताजी का मंदिर, डी-मार्ट, विजय वीर स्टेडियम, बालापुरा का संपूर्ण क्षेत्र, सेक्टर कार्यालय, रोडवेज वर्कशॉप, कंकरेश्वर महादेव मंदिर, रजत सिटी ग्रुप मल्टी सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।

 

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