कांग्रेस विधायकों का उदयपुर कैम्प में पहुंचना जारी, तीन निर्दलीय विधायक देर रात को पहुंचे, बाकी का इंतजार

होटल में बुक कराए 142 कमरे

 कांग्रेस विधायकों का उदयपुर कैम्प में पहुंचना जारी, तीन निर्दलीय विधायक देर रात को पहुंचे, बाकी का इंतजार
उदयपुर। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस विधायकों की बाड़ाबंदी शुरू हो चुकी है। इसके लिए उदयपुर को सबसे सुरक्षित स्थान माना गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सूचना पर तीन निर्दलीय विधायक बुधवार देर रात को उदयपुर पहुंच चुके हैं जबकि शेष विधायकों के आने का क्रम भी शुरू हो चुका है

 उदयपुर। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस विधायकों की बाड़ाबंदी शुरू हो चुकी है। इसके लिए उदयपुर को सबसे सुरक्षित स्थान माना गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सूचना पर तीन निर्दलीय विधायक बुधवार देर रात को उदयपुर पहुंच चुके हैं जबकि शेष विधायकों के आने का क्रम भी शुरू हो चुका है। जयपुर में मुख्यमंत्री आवास से वाहनों में सवार होकर विधायकों की टीम शाम को रवाना हो चुकी है जिसके देर रात तक उदयपुर पहुंची।

 देर रात पहुंचे तीनों विधायक किशनगढ़ से सुरेश टांक, मारवाड़ जंक्शन के खुशवीर सिंह, दूदू से विधायक बाबूलाल नागर शहर के बाहर ताज अरावली होटल में ठहरे हैं। सिरोही से निर्दलीय विधायक व मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार संयम लोढ़ा 5 जून के बाद उदयपुर आएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी रशीद खान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी के साथ पहले ही उदयपुर पहुंच चुके हैं और वे यहां सारा प्रबंध संभाले हुए हैं। शुक्रवार को शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला भी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर लंच के बाद विधायकों का दल वाहनों में सवार होकर शाम को जयपुर से उदयपुर से रवाना हुआ। इनका रास्ते में भीलवाड़ा में ठहराव होगा, जहां राजस्व मंत्री रामलाल जाट की ओर से डीनर की व्यवस्था की गई है।


कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य रघुवीरसिंह मीणा ने बताया कि वे खुद शाम को जयपुर से रवाना हुए हैं। मुख्यमंत्री आवास पर सभी विधायक थे और उन्हें लाने के लिए वाहन लगे हुए थे। वे अन्य विधायकों के साथ नहीं आकर अलग आ रहे हैं और देर रात को उदयपुर पहुंचेंगे। उदयपुर में विधायकों को राज्यसभा चुनाव होने से पहले तक ठहराने की सारी व्यवस्था महेश जोशी और महेंद्र चौधरी देख रहे है। मीणा ने बताया कि सारी व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश में हो रही है और वे स्वयं इनकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यदि पार्टी को जरुरत होगी तो उन्हें जिम्मेदारी सौंपेगी तो वे बखूबी निभाएंगे। राज्यसभा चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपने बाड़े तैयार कर रहे हैं। अब राज्यसभा की चार सीटों के लिए होने वाले मतदान तक ये विधायक इन्हीं बाड़ों में रहेंगे।


कड़ी सुरक्षा में घेरा बाड़ास्थल को
शहर से बाहर जिस सितारा होटल में ठहराए गए विधायकों को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। होटल में किसी भी बाहरी के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक है। सिर्फ होटल के मेहमानों और कांग्रेस विधायकों को ही होटल में पूरी जांच पड़ताल के बाद प्रवेश दिया है। यहां ठहरने वाले विधायकों से यदि कोई मिलने आएगा भी तो विधायक और मिलने आने वाले पर पार्टी की ओर से पूरी निगरानी रखी जाएगी। मीडिया को यहां प्रवेश की अनुमति बिलकुल भी नहीं दी जा रही है। यहां तक कि होटल के बाहर लगे पीने के पानी के आरओ प्लांट से पानी भी पीने नहीं दिया जा रहा।

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होटल में बुक कराए 142 कमरे
राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा की सेंध के डर से उदयपुर लाए जा रहे कांग्रेस विधायकों के लिए यहां होटल में 142 कमरे बुक करवाए गए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार इन विधायकों को आगामी 10 जून को होटल से सीधे जयपुर स्थित विधानसभा भवन में मतदान के लिए ले जाया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा मतदान तक विधायकों के साथ रहेंगे। कांग्रेस को गहलोत सरकार का समर्थन कर रहे 13 निर्दलीय विधायकों में टूट की आशंका है।

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प्रत्याशी बाहरी होने से नाराजगी
इस बीच, कांग्रेस विधायकों में भी राज्यसभा चुनाव में तीनों प्रत्याशी बाहरी होने से नाराजगी झलक रही है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य रघुवीर सिंह मीणा दो दिन पूर्व  दिल्ली में सोनिया गांधी से भेंट कर बाहरी प्रत्याशियों के कारण उपजी जमीनी हकीकत से वाकिफ करवा चुके हैं। पूर्व प्रदेश सचिव नवीन यादव भी पार्टी को घेरते हुए कह चुके हैं कि कांग्रेस राजस्थान के मतदाताओं के साथ ठगी कर रही है। कांग्रेस ने सभी दस राज्यसभा प्रत्याशी बाहर के उतारे हैं और अगर ये जीत जाते हैं तो आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाता कांग्रेस को राजस्थान की सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी। इधर, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भगवानसिंह बाबा भी राज्यपाल व विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उन छह विधायकों को राज्यसभा चुनाव में मतदान से रोकने का आग्रह कर चुके हैं जिन्होंने नियम विरुद्ध बसपा विधायक दल का कांग्रेस में विलय किया था। इससे जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सूत्रों की मानेंतो बाहरी प्रत्याशी होने से नाराज भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दोनों विधायक भी मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। हालांकि कांग्रेस राज्यसभा चुनाव के लिए 126 विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है। तीनों उम्मीदवारों के लए 123 विधायकों के वोट जरूरी हैं। कांग्रेस के खुद के 109 वोट हैं लेकिन माकपा और बीटीपी के दो-दो विधायकों के रूख ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा रखी है।

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