निजी अस्पताल पर रोगी के उपचार में लापरवाही : परिजनों का हंगामा, चिकित्सकों समेत स्टाफ को पीटा
सीसीटीवी फुटेज में 40 से 50 लोगों की भीड़ मारपीट और हंगामे में शामिल
उदयपुर। शहर के जेपी ऑथोर्पेडिक हॉस्पिटल में मंगलवार देर रात हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज के परिजनों और परिचितों ने इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हंगामा कर दिया। भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ व चिकित्सकों और स्टाफ के साथ मारपीट की। इस बीच मौके पर हगांमें को शांत कराने पहुंचे आईएमए राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता के साथ भी अभद्रता करते हुए उनके कपड़े फाड़ दिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) राजस्थान और पुलिस प्रशासन के बीच हुई वार्ता के बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दी गई है। पुलिस ने पांच दिन के भीतर आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वहीं मरीज की हालत में सुधार होने और प्रशासन से मिले भरोसे के बाद चिकित्सकों ने हड़ताल स्थगित कर काम पर लौटने का निर्णय लिया है। आईएमए राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता ने बताया कि एसपी डॉ. अमृता दुहन एवं एएसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पूरे घटनाक्रम को विस्तार से रखा गया। चिकित्सकों ने अस्पतालों में बढ़ती हिंसा, डॉक्टरों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर चिंता जताई। इसके बाद पुलिस ने एसआईटी गठित करने का निर्णय लिया। चिकित्सकों की पांच सदस्यीय टीम भी अगले पांच दिनों तक जांच में समन्वय बनाए रखेगी। उन्होंने कहा कि अब तक पुलिस ने नौ लोगों को डिटेन किया है, जबकि सीसीटीवी फुटेज में 40 से 50 लोगों की भीड़ मारपीट और हंगामे में शामिल दिखाई दे रही है। आईएमए की मांग है कि फुटेज में नजर आने वाले सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
रोगी के स्वास्थ्य में सुधार
इस बीच चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को लेकर भी जानकारी दी। डॉक्टरों के अनुसार मरीज की हालत में सुधार हुआ है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है। उसका उपचार जारी है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखा जा रहा है।
इनका कहना है
एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि डॉक्टरों की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं तथा राजस्थान चिकित्सा सेवा व्यक्ति एवं चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक नौ आरोपियों को डिटेन किया है और अन्य आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज सहित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

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