ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला : 60 दिन की अनिवार्य संसदीय अनुमति की समयसीमा पूरी होने से पहले युद्ध समाप्ति का ऐलान, सीजफायर जारी रखने के लिए रखी शर्ते
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष पर विराम
ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ दो महीने से जारी सैन्य टकराव को समाप्त करने की घोषणा की है। यह निर्णय वॉर पावर रिज़ॉल्यूशन की समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले लिया गया। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में हमले की स्थिति में रक्षात्मक कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित है, जबकि इजरायल को सैन्य सहायता जारी रहेगी।
वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बीते दो महीनों से जारी सैन्य तनाव पर अब विराम लगने की खबर सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की है कि 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब समाप्त माना जाएगा। यह टकराव उस समय शुरू हुआ था जब क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गई थीं। इसके बाद हालात धीरे-धीरे युद्ध जैसी स्थिति में बदल गए, जिसमें समुद्री और सामरिक स्तर पर गतिविधियां बढ़ीं।
अब अमेरिकी प्रशासन ने वॉर पावर रिज़ॉल्यूशन के तहत 60 दिन की अनिवार्य संसदीय अनुमति की समयसीमा पूरी होने से ठीक पहले युद्ध समाप्ति का ऐलान किया है। हालांकि इस निर्णय में नौसैनिक नाकाबंदी को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में ईरान की ओर से किसी अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर हमला होता है, तो राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की पूर्व अनुमति के रक्षात्मक कार्रवाई करने का अधिकार होगा।
इसी बीच, अमेरिका की ओर से इजरायल को सैन्य सहायता जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में करीब 6,500 टन हथियार और सैन्य सामग्री भेजी गई है, जबकि पूरे 60 दिनों में यह आंकड़ा 1.15 लाख टन से अधिक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही युद्ध समाप्ति की घोषणा हो गई हो, लेकिन क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

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