यूरोपीय संघ ने मर्कोसुर व्यापार समझौते को दी मंजूरी
70 करोड़ से अधिक लोगों का मुक्त-व्यापार क्षेत्र बनेगा
फ्रांस के विरोध के बावजूद, यूरोपीय संघ ने मर्कोसुर देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौते को हरी झंडी दे दी है। यह समझौता 70 करोड़ लोगों का मुक्त-व्यापार क्षेत्र बनाएगा।
ब्रुसेल्स। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने शुक्रवार को लंबे समय से विचाराधीन ईयू-मर्कोसुर साझेदारी समझौते को हरी झंडी दे दी। ईयू सदस्यों ने व्यापारिक लाभों को बढ़ाने के लिए एक व्यापक साझेदारी समझौते और एक स्वतंत्र अंतरिम व्यापार समझौते की सहमति दी है। ईयू ने बताया कि यह समझौता ईयू और मर्कोसुर के संबंधों में एक मील का पत्थर है। यह एक आधुनिक साझेदारी के तहत राजनीतिक संवाद, सहयोग और व्यापार के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।
ज्ञातव्य है कि, लगभग 25 वर्षों से ईयू-मर्कोसुर समझौते पर बातचीत चल रही है, जो बदलती राजनीतिक स्थितियों, दक्षिण अमेरिका में पर्यावरणीय सुरक्षा पर विवादों और यूरोप के कृषि क्षेत्र के कुछ हिस्सों के विरोध के कारण बार-बार रुकती और शुरू होती रही है। इसमें निर्णायक सफलता दिसंबर 2024 में मिली, जब ईयू और मर्कोसुर नेताओं ने घोषणा की कि वे साझेदारी के लिए एक व्यापक समझौते पर पहुंच गये हैं। इसके बाद हस्ताक्षर और समर्थन से पहले आवश्यक कानूनी और तकनीकी कार्य शुरू किए गए।
यूरोपीय आयोग ने इस समझौते को ईयू का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता बताया है। आयोग का कहना है कि इससे 70 करोड़ से अधिक लोगों का मुक्त-व्यापार क्षेत्र बनेगा और ईयू निर्यात पर सालाना चार अरब यूरो (4.65 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक का शुल्क कम हो जाएगा।
ईयू के कुछ सदस्य देशों ने विरोध भी किया
ज्ञातव्य है कि इस समझौते पर ईयू के कुछ सदस्य विरोध जताते रहे हैं। जर्मनी और स्पेन जैसे समर्थकों का कहना है कि यह सौदा नये बाजार खोलने में मदद करेगा क्योंकि यूरोप अमेरिकी शुल्कों के प्रभाव की भरपाई करना चाहता है। फ्रांस के नेतृत्व वाले विरोधियों ने चेतावनी दी है कि इससे सस्ते गोमांस, पोल्ट्री और चीनी का आयात बढ़ सकता है, जिससे घरेलू किसानों पर दबाव बढ़ेगा।
हाल के महीनों में, यूरोपीय आयोग ने संवेदनशील कृषि आयात से होने वाले नुकसान को सीमित करने के लिए अतिरिक्त‘सुरक्षा उपायों’के साथ समर्थन जुटाने की कोशिश की है। आयोग ने इटली सहित विरोध करने वाले सदस्य देशों को मनाने के उद्देश्य से कुछ उपायों का प्रस्ताव रखा है, जैसे 2028 से‘सामान्य कृषि नीति’के तहत 45 अरब यूरो की सहायता किसानों को उपलब्ध कराना और कृषि क्षेत्र में प्रोत्साहन के लिए उर्वरकों पर लगने वाले ईयू के‘कार्बन बॉर्डर टैक्स’को फिलहाल के लिए रोकना। शुक्रवार को फ्रांस, पोलैंड, ऑस्ट्रिया, आयरलैंड और हंगरी ने इस समझौते के खिलाफ मतदान किया, जबकि बेल्जियम अनुपस्थित रहा। इटली ने अपने कृषि क्षेत्र के लिए अतिरिक्त आश्वासन मिलने के बाद इस सौदे का समर्थन किया। राजनयिकों का कहना है कि आवश्यक योग्य बहुमत हासिल करने के लिए इटली का समर्थन महत्वपूर्ण था।

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