क्यूबा में रहस्यमयी वायरस का हाहाकार, मरीजों के मरने से अस्पताल कनाडा ने लगाया 7 दिनों का क्वारंटाइन
रहस्यमय वायरस से क्यूबा में स्वास्थ्य संकट गहराया
क्यूबा में रहस्यमय वायरस से हालात बिगड़े। अस्पतालों में मरीजों की भरमार, मौतों के आंकड़े छिपाने का आरोप। कनाडा ने स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन लागू की।
हबाना। क्यूबा में एक रहस्यमय वायरस ने तबाही मचा दी है। देश के कई इलाकों में वायरस का खौफ पसर गया है और भारी संख्या में मरीजों के आने से अस्पताल ढहने के कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं देश की कम्युनिस्ट सरकार ने वायरस की वजह से हो रही मौत को छिपाना शुरू कर दिया है। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज तेज बुखार, लाल धब्बे, त्वचा का छिलना, जोड़ों में सूजन, उल्टी, दस्त जैसे लक्षण से परेशान हैं। हालांकि, अभी तक डॉक्टर पता लगाने में नाकाम रहे हैं कि ये वायरस क्या है और लोग किस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। द सन ने कई तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें अस्पतालों में जमीन पर लेटे मरीजों को देखा जा रहा है। तस्वीरों में देखा जा रहा है की जमीन पर लेटे मरीजों का डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।
एक तिहाई से ज्यादा लोग इससे संक्रमित
इस बीच कनाडा सरकार ने इस हफ्ते क्यूबा से लौटने वाले लोगों के लिए हेल्थ स्क्रीनिंग और सात दिनों की क्वारंटाइन की घोषणा कर दी है। वहीं, स्पेन ने दिसंबर में अपने नागरिकों को गंभीर महामारी बताकर क्यूबा से दूर रहने से कहा था। कई लोग इस वायरस को द वायरस के नाम से संबोधित कर रहे हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि क्यूबा में एक तिहाई से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ने इस बढ़ोतरी को हाल के दशकों में देश का सबसे गंभीर संकट बताया है। क्यूबा में 17 दिसंबर तक वायरस से 52 मौतें हुई थीं, जिनमें से ज्यादातर बच्चे थे। अभी तक अधिकारियों ने 38 हजार से ज्यादा लोगों के वायरस से संक्रमित होने की आधिकारिक तौर पर सूचना दी है।
रिपोर्ट में वायरस का जिक्र नहीं
द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा के लोगों का आरोप है कि सरकार असली आंकड़ों को छिपा रही है और वास्तविक आंकड़े इससे कई गुना ज्यादा है। वहीं, हवाना के एक जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता मैनुअल कुएस्टा मोरुआ ने कहा है कि यह आउटब्रेक करीब पांच महीने पहले माटांजास में शुरू हुआ था, जहां अचानक लोगों की मौते होने शुरू हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने मरने वालों के जो डेथ सर्टिफिकेट बांटे हैं, उनमें वायरस का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
बीमारी एक तरह का कंबाइंड आबोर्वायरस
स्वास्थ्य अधिकारियों ने पिछले साल अक्टूबर के अंत तक देश भर में एक हफ्ते में बुखार से पीड़ित 13 हजार नए मामलों की जानकारी दी थी। जबकि कैमागुए और होल्गुइन जैसे इलाकों में इतने लोगों की मौत हुई है कि कब्रिस्तान भर गए थे। द्वीप पर बीमारी फैलने के तीन महीने बाद, क्यूबा की सरकार ने इस संकट को पहली बार महामारी माना।
लेकिन सरकार ने फिर भी नेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने से इनकार कर दिया। इस बीमारी को एक तरह का कंबाइंड आबोर्वायरस कहा गया है। डॉक्टरों का मानना है कि इसमें डेंगू, ओरोपौचे और चिकनगुनिया, साथ ही एच1एन इन्फ्लूएंजा, रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस और कोविड-19 जैसे दूसरे इन्फेक्शियस रेस्पिरेटरी वायरस शामिल हैं। डेंगू से बुखार, तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द या दबाव और रैशेज होते हैं। वहीं ज्यादा गंभीर मामलों में, शॉक, सांस लेने में दिक्कत, गंभीर ब्लीडिंग और अंगों का फेल होना शामिल है। वहीं, माटांजास के एक क्लिनिक की एक नर्स ने बताया कि यह कहना झूठ नहीं होगा कि हम मर रहे हैं।

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