आईएईए का दावा: ईरान का हैवी वाटर उत्पादन संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त, 27 मार्च को हुआ था हमला

परमाणु रिएक्टर में न्यूट्रॉन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका

आईएईए का दावा: ईरान का हैवी वाटर उत्पादन संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त, 27 मार्च को हुआ था हमला

IAEA ने पुष्टि की है कि ईरान का रणनीतिक खोंदाब हैवी वाटर प्लांट हमले में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने परमाणु ठिकानों पर सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई है। हालांकि, बुशहर और अन्य केंद्रों पर विकिरण का कोई खतरा नहीं मिला है, लेकिन प्लूटोनियम उत्पादन क्षमता को बड़ा झटका लगा है।

वियना। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने सोमवार को पुष्टि की कि ईरान में खोंदाब स्थित 'हैवी वाटर' उत्पादन संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है और अब चालू हालत में नहीं है। उल्लेखनीय है कि हैवी वाटर (ड्यूटेरियम ऑक्साइड) का इस्तेमाल परमाणु संयंत्रों में परमाणु विखंडन प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह परमाणु रिएक्टर में न्यूट्रॉन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आईएईए ने कहा कि इस संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं है। एजेंसी के अनुसार, "उपग्रह चित्रों के स्वतंत्र विश्लेषण और संयंत्र की जानकारी के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि खोंदाब स्थित 'हैवी वाटर' उत्पादन संयंत्र को भारी नुकसान पहुँचा है और यह अब कार्य करने की स्थिति में नहीं है।" ईरान ने 28 मार्च को आईएईए को सूचित किया था कि 27 मार्च को खोंदाब स्थित इस संयंत्र पर हमला हुआ था। चूंकि वहां कोई घोषित परमाणु सामग्री नहीं थी, इसलिए विकिरण का कोई खतरा नहीं देखा गया। खोंदाब संयंत्र मध्य ईरान के मरकजी प्रांत में अराक शहर से 55 किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित है और यह अराक परमाणु परिसर (जिसे आईआर-40 सुविधा के रूप में भी जाना जाता है) का हिस्सा है।

ईरान ने यह भी बताया कि खुज़ेस्तान स्टील उत्पादन कारखाने पर भी हमले हुए, जहाँ सीलबंद कोबाल्ट-60 (सीओ 60) और सीज़ियम-137 (सीएस 137) जैसे रेड़ियोधर्मी तत्वों का उपयोग किया जाता है, हालांकि वहां से भी कोई विकिरण नहीं फैला। इसके अलावा, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के क्षेत्र में भी हमले की सूचना मिली है, जो 10 दिनों में ऐसी तीसरी घटना है। आईएईए के मुताबिक, चालू रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं हुआ है और संयंत्र की स्थिति सामान्य है।

आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि रिएक्टर क्षतिग्रस्त होता है, तो यह एक बड़ी रेड़ियोधर्मी घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने परमाणु दुर्घटना के जोखिम से बचने के लिए सैन्य संयम बरतने का आह्वान किया है। खोंदाब संयंत्र को ईरान की सबसे रणनीतिक परमाणु सुविधाओं में से एक माना जाता था क्योंकि यह परमाणु हथियार के लिए संभावित 'प्लूटोनियम' प्रदान करता था। इसका हैवी वाटर अनुसंधान रिएक्टर (आईआर-40) मूल रूप से प्राकृतिक यूरेनियम को ईंधन के रूप में उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जिससे उप-उत्पाद के रूप में हथियार-ग्रेड का प्लूटोनियम प्राप्त होता है।

Read More रैपर, मेयर, प्रधानमंत्री : बालेंद्र शाह बने नेपाल के नए पीएम, पढें कैसा रहा नेपाल की राजनीति के शीर्ष तक का पूरा सफर ?

इज़राइल ने इस स्थल को 'प्रमुख बुनियादी ढांचा' बताया है। सैन्य क्षमता के अलावा, यह संयंत्र आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि इससे ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को सालाना करोड़ों डॉलर की आय होती थी।

Read More ईरान के समर्थन में कश्मीरियों की मानवीय पहल: राहत के लिए बड़े पैमाने पर दान-अभियान शुरू, ईरानी दूतावास से आभार व्यक्त किया

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: बोले-बड़े पदों पर कमजोर वर्ग की हिस्सेदारी हो सुनिश्चित, दलित और आदिवासी कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने का लगाया आरोप राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: बोले-बड़े पदों पर कमजोर वर्ग की हिस्सेदारी हो सुनिश्चित, दलित और आदिवासी कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने का लगाया आरोप
लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संस्थानों में बहुजन समाज की कम भागीदारी पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप...
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बैंक खातों में 1,000 रुपए सीधे किए ट्रांसफर, वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन 
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड : पहले चरण की loc सबमिशन प्रक्रिया की कल अंतिम तिथि, तीन चरणों में होगी सबमिशन की प्रक्रिया
स्वस्थ पाचन तंत्र पर विशेष विचार-आहार गोष्ठी का आयोजन, शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
तमिलनाडु चुनावः लोकसभा सांसद थोल थिरुमावलवन लड़ेंगे विधानसभा चुनाव; टीवीके को देंगे कड़ी टक्कर, दलित युवाओं को एकजुट करने में अहम भूमिका 
पश्चिम एशिया संघर्ष: डोनाल्ड ट्रंप ने खर्ग द्वीप समेत तेल भंडारों पर कब्जा करने की ईरान को दी धमकी, सऊदी अरब में अमेरिकी हवाई अड्डे पर हमला
‘धुरंधर : द रिवेंज’ में यामी गौतम का नाम ‘शाज़िया बानो’ क्यों? सुपर्ण एस वर्मा ने खोला राज, जानें