ईरान में किसी बड़े परिवर्तन की आशंका से कई उड़ानें रद्द
ईरान संकट: इंडिगो ने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं
ईरान संकट के चलते इंडिगो ने 28 फरवरी तक त्बिलिसी, बाकू, अल्माटी और ताशकंद की उड़ानें रद्द कीं। फैसला यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया।
नई दिल्ली। इंडिगो ने मंगलवार को एक ताजा ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए ईरान संकट को देखते हुए 28 फरवरी तक उस देश के लिए अपनी कई उड़ानें रद्द कर दी हैं। साथ ही कई अन्य देशों तक भी अपनी सेवाएं बंद रखने का एलान किया है। इंडिगो ने 28 फरवरी तक जहां से आने और जाने वाली उड़ानें रद्द की हैं, उनमें त्बिलिसी, बाकू,अल्माटी और ताशकंद की फ्लाइट्स शामिल हैं। इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह फैसला ईरान के आसपास पैदा होते हालात को देखते हुए लिया गया है, ताकि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इंडिगो ने एक्स पर जारी ट्रैवल एडवाइरी में कहा कि ईरान के आसपास पैदा होते हालात को देखते हुए हमने अपनी फ्लाइट शेड्यूल में अतिरिक्त बदलाव किए हैं, ताकि यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारे कस्टमर और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
इंडिगो ने आगे कहा है कि इसकी त्बिलिसी, बाकू,अल्माटी और ताशकंद से आने और वहां जाने वाली उड़ानें 28 फरवरी,2026 तक कैंसिल रहेंगी। क्योंकि इन देशों या शहरों तक आने जाने के मार्ग में ईरानी रडार, ड्रोन नजर रख सकते हैं और कोई भटका हुआ ड्रोन उनसे टकरा सकता है। कस्टमर वैकल्पिक यात्रा विकल्प देख सकते हैं या अपनी चाहत के हिसाब से फुल रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि वह बदलते हालात पर नजर रख रही है और किसी भी अपडेट की जानकारी इसके कम्युनिकेशन चैनलों से साझा जाएगी।
यह एयरलाइन ने इन रूटों पर उड़ानों के निलंबन को धीरे-धरे बढ़ा रही है। पहले इन रूटों पर 11 फरवरी तक के लिए उड़ानें रद्द की गई थीं। इंडिगो इन रूटों पर अपनी उड़ानों के लिए ईरान के एयरस्पेस का इस्तेमाल करता रहा है। लेकिन, जब से हालात खराब होने लगे हैं, यह अपने विमानों को उस क्षेत्र में भेजने से हिचकिचा रहा है। इन चार शहरों की भारत से फ्लाइट को आम तौर पर छह से सात घंटे लगते हैं।
इन रूटों के लिए इंडिगो अपने विमानों का इस्तेमाल करती है, जिसकी ईंधन क्षमता इतनी नहीं होती, जो ज्यादा लंबे रूट वाले वैकल्पिक रास्ते से यात्रा कर सकें। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और इसकी वजह से सैन्य संघर्ष की आशंका भी बनी हुई है। अमेरिका ने तो अपने नौसैनिक बेड़े को भी पश्चिम एशिया में उतार रखा है।

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