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31 अक्टूबर : इतिहास, सियासत, प्रेम और कविता के चार पाठ

31 अक्टूबर : इतिहास, सियासत, प्रेम और कविता के चार पाठ कुछ तारीखें कैलेंडर में महज दर्ज होने के लिए नहीं आतीं। वे अपने भीतर इतिहास की धूल, राजनीति के रक्तचिह्न, प्रेम की स्याही और कविता की उदासी समेटे होती हैं। 31 अक्टूबर ऐसी ही एक तारीख है।
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विजय, बालेन और केजरीवाल : दक्षिण एशिया में आउटसाइडर राजनीति का नया चेहरा

विजय, बालेन और केजरीवाल : दक्षिण एशिया में आउटसाइडर राजनीति का नया चेहरा सी जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर दक्षिण एशिया में आउटसाइडर राजनीति की बहस तेज की। पार्टी ने पहली बार में सत्ता हासिल की। विजय की तुलना अरविंद केजरीवाल और बालेंद्र शाह से हो रही।
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राजनीति के आगे चलने वाली मशाल है साहित्य

राजनीति के आगे चलने वाली मशाल है साहित्य आतंकवाद, राष्ट्रवाद और उपभोक्तावाद के शोर में आजकल साहित्य का उद्देश्य एक गहरे संकट में है।
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अब पराली बनी सियासत वाली

अब पराली बनी सियासत वाली ठंड की दस्तक के साथ ही धान की कटाई और पराली जलाने का दौर शुरू हो जाता है।
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