सीडब्ल्यूसी बैठक का असर : अभी एक साल और निवर्तमान ही होंगे जिलाध्यक्ष

सीडब्ल्यूसी बैठक का असर : अभी एक साल और निवर्तमान ही होंगे जिलाध्यक्ष

टला संगठन विस्तार और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति

 जयपुर। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की दिल्ली में हुई बैठक के फैसलों का असर राजस्थान में भी नजर आएगा। कांग्रेस संगठन चुनाव की घोषणा से राजस्थान में कार्यकारिणी विस्तार और जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां फिलहाल टल गई है। ऐसे में अभी एक साल और निवर्तमान जिलाध्यक्षों से ही पार्टी को संगठन का काम काज कराना होगा।
राजस्थान कांग्रेस में कई महीनों से जिलाध्यक्षों की नियुक्ति और प्रदेश कार्यकारिणी विस्तार की कवायद चल रही है, लेकिन इस पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है।


राजनीतिक जानकार मानते हैं कि सीडब्ल्यूसी बैठक में कांग्रेस संगठन चुनाव की घोषणा के बाद प्रदेश में इंतजार और बढ़ गया है। करीब दस महीने और इंतजार करने से उन नेताओं की उम्मीदों को ज्यादा झटका लगा है जो प्रदेश कार्यकारिणी विस्तार और जिलाध्यक्ष नियुक्ति के लिए लाइन में लगे हुए थे। संगठन चुनाव के फैसले से यह भी तय हो गया है कि प्रदेश कांग्रेस को फिलहाल निवर्तमान जिलाध्यक्षों से ही संगठन का काम-काज कराना होगा। क्योंकि अब ब्लॉक, जिलाध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी की नियुक्ति भी संगठन चुनाव के माध्यम से ही होगी।

अगले साल जून में होंगे जिलाध्यक्ष चुनाव
प्रदेश में जिलाध्यक्षों और प्रदेश कार्यकारिणी विस्तार को लेकर कवायद जारी थी और इसी दौरान नामों की सूची दो बार तैयार होकर एआईसीसी भेजी जा चुकी थी। प्रभारियों ने तीन-तीन नामों के पैनल दिल्ली भेजे थे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार संगठन चुनाव की घोषणा के बाद अब एक जून, 2022 से 20 जुलाई, 2022 के बीच जिलाध्यक्षों, जिला उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के चुनाव होंगे।


गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस में जिलाध्यक्ष और जिला कार्यकारिणी करीब 15 महीनों से भंग है। हालांकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद पर गोविन्द सिंह डोटासरा की ताजपोशी के बाद जनवरी 2021 में प्रदेश कांग्रेस की 39 सदस्यों की छोटी कार्यकारिणी घोषित हुई थी, लेकिन जिलाध्यक्ष नहीं बन पाए थे।

 

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