सांभर में 23 कौओं की मौत, जोधपुर में नहीं थमा कुरजां की मौतों का सिलसिला

सांभर में 23 कौओं की मौत, जोधपुर में नहीं थमा कुरजां की मौतों का सिलसिला

कौओं के शव पुराने होने से नहीं हो सका पोस्टमार्टम

 जयपुर/जोधपुर/ सांभरलेक। हजारों किलोमीटर दूर का सफर तय कर मारवाड़ आने वाले प्रवासी परिन्दे कुरजां की मौत का सिलसिला थमा भी नहीं था कि जयपुर जिले के सांभर में 23 कौओं की मौत हो गई। कस्बे में तलाई वाले बालाजी और रेलवे फाटक के आगे डंपिंग यार्ड के आसपास काफी तादाद में कौओं के शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन शव अधिक पुराने होने से उनका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बाद में सभी शवों को ले जाकर काचरोदा नर्सरी में डिस्पोज करवा दिया गया। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. पदमचन्द ने बताया कि हमारी टीम गई थी, लेकिन सैम्पल के योग्य नहीं होने के कारण उनका सैम्पल नहीं लिया जा सका। बर्ड फ्लू की आशंका होने पर भोपाल स्थित लैब में सैम्पल भेजे जाते हैं, वहां की रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाती है।

नवम्बर, 2019 में हुई थी हजारों परिन्दों की मौत

यह एक अजीब संयोग है कि नवम्बर, 2019 में सांभर झील में हजारों प्रवासी परिन्दों की मौत हो गई थी। इस बार भी कौओं की मौत नवम्बर में ही होना शुरू हुई है। उस समय सांभर झील में 25 प्रजातियों के हजारों परिन्दों की मौत हुई थी। बाद में खुलासा हुआ था कि परिन्दों की मौत एवियन बोटयूलिज्म नामक बीमारी से हुई थी। यह बीमारी मृत परिन्दों को खाने से प्रवासियों परिन्दों को हुई थी।

जोधपुर में परिन्दों की मौत बर्ड फ्लू से
जोधपुर में प्रवासी परिन्दों की मौत का सिलसिला आज भी जारी रहा। बताया जा रहा है कि अब तक दो सौ से अधिक परिन्दों की मौत हुई है। जोधपुर जिले के कापरड़ा के तालाब पर मरी हुई कुरजां में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक लेकर बर्ड फ्लू से निपटने के कदम उठाने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि 6 नवंबर को प्रवासी पक्षी खुर्जा के शव मिलने की सूचना मिली थी, जिस पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम करवाने के बाद इंडियन वेटेरीनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल को भिजवाया गया, जहां पर कापरड़ा में पाए गए मृत कुरजा पक्षी बर्ड फ्लू से मरने की पुष्टि हुई थी।


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