लू के थपेड़ों ने किया बेहाल, कल से बदलेगा मौसम

बीकानेर, चूरू, टोंक, श्रीगंगानगर, फलौदी, जैसलमेर में दिनभर चले लू के बवंडर

लू के थपेड़ों ने किया बेहाल, कल से बदलेगा मौसम

राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 43 और रात का तापमान 30.2 डिग्री दर्ज हुआ। जयपुर में दिन और रात का तापमान औसत तापमान से क्रमश: 2 और 3.2 डिग्री अधिक दर्ज हुआ।

जयपुर। राज्य के अनेक हिस्सों में रविवार को लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिनभर चले लू के थपेड़ों के कारण सड़कों पर आवाजाही बहुत कम रही। देर शाम तक हवा में गर्मी का अहसास बना रहा। देर रात तक गर्मी से राहत नहीं मिल पाई। मौसम विभाग ने 22 मई को पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। 22 मई को राज्य के उत्तरी भागों बीकानेर, जयपुर, भरतपुर संभाग में दोपहर बाद मेघगर्जन, हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है, जबकि 23 मई से आंधी- बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर संभाग के कुछ भागों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। राज्य में रविवार को सबसे अधिक दिन का तापमान चूरू में 45.6 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 43 और रात का तापमान 30.2 डिग्री दर्ज हुआ। जयपुर में दिन और रात का तापमान औसत तापमान से क्रमश: 2 और 3.2 डिग्री अधिक दर्ज हुआ।

दिन का तापमान
अजमेर 42.1, भीलवाड़ा 42.4, टोंक 45.6, पिलानी 44.5, सीकर 42.0, कोटा 44.6, चित्तौड़गढ़ 43.1, उदयपुर 41.0, बाड़मेर 43.2, जैसलमेर 44, जोधपुर 42, फलौदी 44.4, बीकानेर 45.5, चूरू 45.6 डिग्री दिन में पारा दर्ज हुआ।

Post Comment

Comment List

Latest News

जन भागीदारी विकास योजना में फंड आवंटित, परिसम्पत्ति सृजन के अटके काम शुरू होंगे जन भागीदारी विकास योजना में फंड आवंटित, परिसम्पत्ति सृजन के अटके काम शुरू होंगे
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने महात्मा गांधी जन भागीदारी विकास योजना में 33 जिलों को 20 करोड़ रुपए का...
संग्रहाध्यक्ष, खोज व उत्खनन अधिकारी प्रतियोगी परीक्षा-2023 होगी 19 जून को
NDA Government राजस्थान पर मेहरबान, केंद्र ने राज्य को जारी किए 8421.38 करोड़
बाड़मेर-ऋषिकेश एक्सप्रेस रेलसेवा एलएचबी रैक से संचालित होगी
राज्यवर्धन ने सूचना सहायक पदों की संख्या बढ़ाई
कांग्रेस ने आंध्रप्रदेश के विशेष दर्जे पर मोदी से मांगा स्पष्टीकरण
सीएम को लिखा पत्र : निकायों का पुनः परिसीमांकन एवं वार्डों की संख्या के निर्धारण का कार्य पारदर्शी तरीके से हो: राजेंद्र राठौड़