सरिस्का में 18 से 29 सितंबर तक होगा उत्सव कैम्प

यवसाय के अवसर भी उपलब्ध हुए

सरिस्का में 18 से 29 सितंबर तक होगा उत्सव कैम्प

यह बात नवगठित हॉस्पिटैलिटी एसोसिएशन आॅफ  टहला सरिस्का (हैट्स) के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह पंवार ने मंगलवार को जयपुर में प्रेसवार्ता के दौरान कही।

जयपुर। पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीव प्रेमियों और हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञों ने सरिस्का में टहला क्षेत्र की विकासात्मक गतिविधियों में भारी निवेश किया है। क्षेत्र में विकास से स्थानीय आबादी को रोजगार मिला है और स्थानीय व्यापारियों के लिए व्यवसाय के अवसर भी उपलब्ध हुए हैं। यह बात नवगठित हॉस्पिटैलिटी एसोसिएशन आॅफ  टहला सरिस्का (हैट्स) के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह पंवार ने मंगलवार को जयपुर में प्रेसवार्ता के दौरान कही। 

हैट्स के उपाध्यक्ष शक्ति सिंह ने बताया कि एसोसिएशन इस क्षेत्र में शादियों, म्यूजिक फेस्टिवल आदि जैसे शोर शराबे से दूर वन्यजीव पर्यटन, स्मारक पर्यटन और मंदिर पर्यटन को बढ़ावा देते हुए टूरिस्ट्स को गुणवत्तापूर्ण पर्यटन और शांत वातावरण का आनंद प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सचिव लव शेखावत ने कहा कि नए जिलों के गठन के बाद अलवर में केवल पर्यटन ही प्रमुख उद्योग बचा है और पर्यटन क्षेत्र में सरिस्का का योगदान 90 प्रतिशत है। वाइल्ड लाइफ  फाउंडेशन, हैट्स और टॉफ्टिगर की ओर से सरिस्का के टहला क्षेत्र में उत्सव कैम्प 18 से 29 सितम्बर तक होगा। ट्रेनर जेनिफर नंदी के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होगा।

 

Tags: camp

Post Comment

Comment List

Latest News

जन भागीदारी विकास योजना में फंड आवंटित, परिसम्पत्ति सृजन के अटके काम शुरू होंगे जन भागीदारी विकास योजना में फंड आवंटित, परिसम्पत्ति सृजन के अटके काम शुरू होंगे
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने महात्मा गांधी जन भागीदारी विकास योजना में 33 जिलों को 20 करोड़ रुपए का...
संग्रहाध्यक्ष, खोज व उत्खनन अधिकारी प्रतियोगी परीक्षा-2023 होगी 19 जून को
NDA Government राजस्थान पर मेहरबान, केंद्र ने राज्य को जारी किए 8421.38 करोड़
बाड़मेर-ऋषिकेश एक्सप्रेस रेलसेवा एलएचबी रैक से संचालित होगी
राज्यवर्धन ने सूचना सहायक पदों की संख्या बढ़ाई
कांग्रेस ने आंध्रप्रदेश के विशेष दर्जे पर मोदी से मांगा स्पष्टीकरण
सीएम को लिखा पत्र : निकायों का पुनः परिसीमांकन एवं वार्डों की संख्या के निर्धारण का कार्य पारदर्शी तरीके से हो: राजेंद्र राठौड़