कोटा दक्षिण वार्ड 17: सीवरेज चैंबर, क्षतिग्रस्त सड़कें ,पार्क का अभाव वार्डवासियों की बड़ी समस्या

खुले बिजली के ट्रांसफार्मर, घरों के पास से गुजरते विद्युत लाइन के तार बने परेशानी

कोटा दक्षिण वार्ड 17:  सीवरेज चैंबर, क्षतिग्रस्त सड़कें ,पार्क का अभाव वार्डवासियों की बड़ी समस्या
वार्ड की गलियों में टिपर रोज नहीं आने कचरा डालना स्थानीय निवासियों की समस्या बना हुआ है।

कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 17 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास कार्य तो करवाए गए, लेकिन वार्ड में पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर सही ढंग से नहीं लगाए गए। इसकी वजह से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही वार्ड में बच्चों के खेलने के लिए पार्क का अभाव वार्डवासियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। वार्डवासी अख्तर खान और रघु कुमार ने बताया कि पार्क की समस्या के समाधान के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। वहीं, वार्ड में सामुदायिक भवन भी नहीं है, जिससे मांगलिक कार्यों के दौरान महंगी दर पर भवन किराए पर लेना पड़ता है और डबल खर्च उठाना पड़ता है। यह समस्या वार्डवासी अभिनव और शिव कुमार ने भी बताई।

ट्रांसफॉर्मर के पास सुरक्षा दीवार का अभाव
वार्ड की मेन रोड पर स्थित ट्रांसफॉर्मर के आसपास सुरक्षा दीवार नहीं है। वार्डवासी बताते हैं कि यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

घरों के पास से गुजरते बिजली के तार
 पास से ही बिजली के तार गुजर रहे हैं। अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बारिश के समय हादसे का खतरा बना रहता है।

नियमित नहीं आते टिपर
वार्डवासियों के अनुसार कचरा गाड़ी मेन रोड पर तो प्रतिदिन आती है, लेकिन वार्ड की गलियों में रोज नहीं पहुंचती। इसके कारण कचरा घर में ही जमा रहता है और कई बार लोगों को कचरा इधर-उधर डालकर आना पड़ता है।

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खाली प्लॉट बने परेशानी का कारण
सघन बस्ती के बीच कई लोगों ने प्लॉट खरीदकर खाली छोड़ रखे हैं। मनीष कुमार बताते हैं कि उनके पास खाली पड़े भूखंड में बारिश के दिनों में पानी भर जाता है, जिससे बदबू फैलती है और जलीय जीव पनप जाते हैं। इससे आसपास रहने वालों में डर बना रहता है।

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पार्क और सामुदायिक भवन का अभाव
वार्ड के निवासी दिलशाद और हरिओम ने बताया कि कॉलोनी में बच्चों के खेलने और लोगों के बैठने के लिए एक भी पार्क नहीं है। बच्चे मेन रोड पर खेलते हैं, जिससे दुर्घटना का डर बना रहता है। सीनियर सिटीजन्स को मॉर्निंग वॉक के लिए दूर जाना पड़ता है। राहुल, रेखा कुमारी और सुमित्रा बाई ने बताया कि बच्चों के खेलने की जगह नहीं होने के कारण उन्हें घर की छत पर ही ले जाना पड़ता है।

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वार्ड का क्षेत्र
थैगड़ा, सूर्य नगर, भारत विहार, देवाशीष सिटी, ग्रामीण पुलिस लाइन, आदित्य नगर, बजरंग विहार आदि इलाके वार्ड में शामिल हैं।

कचरा गाड़ी तो आती है, पर कुछ गलियों में रोड लाइटें बंद होने की वजह से रात में अंधेरा रहता है और आवागमन में परेशानी होती है।
- जावेद, वार्डवासी

मेन रोड पर कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है, लेकिन अंदर गलियों में रोटेशन के आधार पर ही आती है, जिससे असुविधा होती है।
- बिशन सिंह, वार्डवासी

पार्षद से संपर्क नहीं हुआ
वार्ड पार्षद बबलू सिंह कसाना से बात करने के लिए कॉल किया गया, लेकिन मोबाइल स्विच आॅफ होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया।

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