भारत-कनाड़ा का 50 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य : आर्थिक और रक्षा क्षेत्रों में भी बढेगा सहयोग, मोदी ने कहा- देशों ने माना आतंकवाद और कट्टरपंथ मानवता के लिए गंभीर चुनौती
कनाड़ा और भारत का लोकतान्त्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास
भारत-कनाडा रिश्तों को नई गति मिली। 2030 तक 50 अरब डॉलर द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय, रक्षा सहयोग बढ़ाने और ‘भारत-कनाडा रक्षा संवाद’ शुरू करने पर सहमति बनी। व्यापक आर्थिक साझेदारी को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। पश्चिम एशिया पर चिंता जताते हुए कूटनीति पर जोर। कनाडाई पेंशन फंडों का भारत में 100 अरब डॉलर निवेश भरोसे का संकेत।
नई दिल्ली। भारत और कनाड़ा ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक बढाने तथा रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए भारत-कनाड़ा रक्षा संवाद शुरू करने का निर्णय लिया है। देशों ने आर्थिक क्षेत्र में सहयोग को पुख्ता करने पर भी सहमति व्यक्त की है। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कूटनीति और बातचीत से मुद्दों के समाधान पर जोर दिया है। दोनों देशों ने आतंकवाद और कट्टरपंथ को मानवता के लिए साझा और गंभीर चुनौती माना है। मोदी ने भारत की चार दिन की यात्रा पर आये कनाड़ा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ सोमवार को यहां द्विपक्षीय बातचीत के बाद संयुकत वक्तव्य में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि कनाड़ा और भारत का लोकतान्त्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास है और दोनों देश विविधता को पूरी तरह मान्यता देते हैं। उन्होंने कहा कि मानवता की भलाई हमारा साझा विजन है, जो हमें हर क्षेत्र में आगे बढने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने इस साझा विजन को आगे बढाने और अपनी साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने के बारे में विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। दोनों देशों ने आर्थिक संभावनाओं को पूरा फायदा उठाने के लिए व्यापक आर्थिक सहयोग साझेदारी को जल्द ही अंतिम रूप देने का भी निर्णय लिया है। मोदी ने कहा कि कनाड़ा के पेंशन फंडों ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है जिससे भारत की विकास यात्रा में उनके गहरे विश्वास का पता चलता है।

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