मटन व्यापारियों का उत्पीड़न : महबूबा ने की सीएम भगवंत मान से बात, कार्रवाई का आश्वासन
पशुओं के आयात पर अनिश्चित समय तक रोक
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि कश्मीरी मटन व्यापारियों को रोके जाने और उन्हें परेशान किये जाने संबंधी रिपोर्टों को लेकर उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात की है। यह बातचीत उन रिपोर्टों के बाद की गई है जिनमें कहा गया है कि माधोपुर और शंभू बॉर्डर पर ठेकेदार पशु मेला अधिनियम के नाम पर कश्मीरी मटन व्यापारियों को रोक रहे हैं और उन्हें परेशान कर रहे हैं।
महबूबा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में जानवरों का परिवहन करने वाले पशु व्यापारियों को हो रही दिक्कतों के बारे में मुख्यमंत्री मान से बातचीत की और सीएम मान ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया है। यह घटनाक्रम जम्मू-कश्मीर में मटन की कमी की बढ़ती आशंकाओं के बीच सामने आया है जब मटन डीलर्स एसोसिएशन की समन्वय समिति ने दूसरे राज्यों से पशुओं के आयात को अनिश्चित काल के लिए रोकने की घोषणा की।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि पंजाब में ठेकेदार एवं स्थानीय अधिकारी जम्मू-कश्मीर जाने वाले हर उस ट्रक पर 15,000 से 25,000 रुपये तक का गैर-कानूनी शुल्क लगा रहे हैं जिनमें पशुओं का परिवहन किया जाता है। इसके कारण दिल्ली, राजस्थान, अंबाला, अमृतसर और अन्य जगहों की मंडियों से पशुओं वाले ट्रकों की लोडिंग रोक दी गई है। समिति के सदस्यों ने कहा कि पंजाब से होकर पशुओं को ले जाना जोखिम भरा हो गया है जिससे व्यापारियों को तब तक सप्लाई रोकनी पड़ी है जब तक कि इस समस्या का स्थायी समाधान न हो जाए।
जम्मू-कश्मीर में हर साल 60,000 टन से ज़्यादा मटन की खपत होती है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से रोज़ाना लगभग 50 ट्रकों में 5,000 से ज़्यादा जानवर इस केंद्र शासित प्रदेश में लाए जाते हैं। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि इस रुकावट से शादी-ब्याह के मौसम में आपूर्ति पर असर पड़ सकता है क्योंकि इस दौरान मांग में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है।

Comment List