खरगे का बड़ा हमला: संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा, संविधान बचाने की लड़ाई का आह्वान
संवैधानिक संस्थाओं पर संकट
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटाले, सामाजिक असमानता जैसी गंभीर चुनौतियों के साथ ही संवैधानिक संस्थाओं और व्यवस्थाओं को भी कमजोर किया जा रहा है जिनके खिलाफ सख्ती से लड़ने की जरूरत है। खरगे ने गुरुवार को यहां इंदिरा भवन में कांग्रेस महासचिवों, विभिन्न राज्यों के प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिन संस्थाओं और व्यवस्थओं को बनाने में दशकों लगे, उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नीट, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों ने करोड़ों युवाओं और उनके परिवारों का विश्वास हिला दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी स्वयं प्रभावित छात्रों और युवाओं से मिले हैं तथा उनकी आवाज को देश के सामने मजबूती से रखा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "आज दुर्भाग्य से हम देखते हैं कि जिन संस्थाओं और व्यवस्थाओं को बनाने में दशकों लगे, उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी केवल राजनीतिक संघर्ष की नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा की भी है।" उन्होंने पार्टी नेताओं से जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। बैठक में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम, संगठनात्मक रणनीति तथा आगामी कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई। खरगे ने कहा कि कांग्रेस इन मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।

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