हाईकोर्ट की नई व्यवस्था : बार-बार तारीख लेने की प्रवृत्ति पर लगेगा अंकुश, अब हर मुकदमे में गिने जाएंगे स्थगन
कॉज लिस्ट में भी दिखेगी जानकारी
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक स्थगनों पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से बुधवार को जारी स्थायी आदेश के तहत अब हाईकोर्ट में लंबित प्रत्येक मामले में दिए गए स्थगनों की संख्या का अलग से रिकॉर्ड रखा जाएगा। इतना ही नहींए यह जानकारी संबंधित प्रकरण की कॉज लिस्ट में भी प्रदर्शित की जाएगीए जिससे पक्षकारोंए अधिवक्ताओं और न्यायालय को किसी मामले में हुए स्थगनों की वास्तविक स्थिति आसानी से पता चल सकेगी। 14 मई 2026 को ओमप्रकाश बनाम राज्य सरकार में पारित निर्देशों की पालना में जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार अपीलकर्ता, याचिकाकर्ता,आवेदक, प्रतिवादी अथवा अन्य कारणों से लिए गए स्थगनों की संख्या विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्ज की जाएगी। हालांकि जिन मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी और वे नॉट रीच श्रेणी में रहे, उन्हें स्थगन की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। सभी न्यायिक शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों और लिपिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक मामले में अब तक हुए स्थगनों का विवरण सॉफ्टवेयर में दर्ज करें तथा भविष्य में हर सुनवाई के बाद रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट करें। हाईकोर्ट प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से बार.बार तारीख लेने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण लगेगा और मामलों के त्वरित निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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