खुलासा: अनुमान से 1.4 करोड़ ज्यादा हो सकते हैं भारतीय, दिल्ली की आबादी 2.3 करोड़
भारत की आबादी अनुमान से अधिक
नई दिल्ली। देश की आबादी सरकारी अनुमानों से अधिक हो सकती है। 2027 की जनगणना के पहले चरण में सामने आए दिल्ली के शुरुआती आंकड़ों ने इस संभावना को बल दिया है। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली की जनसंख्या 2.308 करोड़ दर्ज की गई है, जबकि सरकारी अनुमान 2.294 करोड़ का था। यानी वास्तविक आबादी अनुमान से लगभग 0.6 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही प्रवृत्ति राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू होती है, तो भारत की कुल आबादी सरकारी अनुमान 143.6 करोड़ से बढ़कर करीब 145 करोड़ तक पहुंच सकती है। इससे देश की जनसंख्या में लगभग 1.4 करोड़ लोगों का अतिरिक्त इजाफा सामने आ सकता है।
दिल्ली में वर्ष 2011 से 2027 के बीच आबादी में 37.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं घरों की संख्या 34 लाख से बढ़कर 55 लाख हो गई है, जो शहरीकरण, प्रवासन और न्यूक्लियर परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। विश्लेषण में यह भी सामने आया है कि पिछले चार दशकों में सरकारी जनसंख्या अनुमान वास्तविक आंकड़ों से लगातार कम रहे हैं। बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी आबादी सरकारी अनुमानों से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है। जनसांख्यिकीय विशेषज्ञों के अनुसार अंतिम जनगणना परिणाम देश की वास्तविक आबादी और सामाजिक संरचना की अधिक स्पष्ट तस्वीर पेश करेंगे।
दिल्ली की आबादी 2.3 करोड़
जनगणना 2027 के तहत दिल्ली में 14 जून को संपन्न हुए पहले चरण के दौरान राजधानी की आबादी लगभग 2.3 करोड़ तक पहुंचने का प्रारंभिक अनुमान सामने आया है। इस चरण में गणनाकर्मियों ने शहर भर में बड़े पैमाने पर मकानों और परिवारों का सर्वेक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में दिल्ली के सभी 13 जिलों में कुल 75,98,982 मकानों और 54,98,560 परिवारों का विवरण दर्ज किया गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े प्रारंभिक हैं और इन्हें अंतिम नहीं माना जा सकता। अधिकारियों का कहना है कि फरवरी 2027 में होने वाली मुख्य जनगणना के बाद ही दिल्ली की वास्तविक जनसंख्या और अन्य जनसांख्यिकीय आंकड़ों की आधिकारिक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पहले चरण के आंकड़े राजधानी में बढ़ती आबादी और आवासीय विस्तार का संकेत दे रहे हैं।

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