सिद्धू का आप पर हमला : सरकार पर लगाया बिल्डरों से ₹1000 करोड़ का बकाया न वसूलने का आरोप, स्पष्टीकरण की मांग
पंजाब सरकार हर महीने हजारों करोड़ रुपये का नया कर्ज ले रही
मोहाली। पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर सरकारी बकायों की वसूली में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य सरकार लगातार कर्ज ले रही है, वहीं दूसरी ओर बड़े रियल एस्टेट डेवलपर से करोड़ों रुपये के बकाये की वसूली नहीं कर पा रही। सिद्धू ने मोहाली में मंगलवार को जारी बयान में दावा किया कि करीब 20 रियल एस्टेट प्रमोटरों पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी देनदारियां हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी परियोजनाएं मोहाली में स्थित हैं और ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बकायेदारों की सूची में मोहाली सीट से आप विधायक कुलवंत सिंह से जुड़ी कंपनी जंता लैंड प्रमोटर्स का नाम भी शामिल है, जिस पर लगभग 152 करोड़ रुपये का बकाया बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों से बिजली बिल, पानी के बिल, करों और अन्य सरकारी देनदारियों की सख्ती से वसूली की जाती है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि बड़े बिल्डरों और सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों पर बकाया करोड़ों रुपये की वसूली क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने पूछा कि आखिर उन्हें किस आधार पर विशेष रियायतें दी जा रही हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब सरकार हर महीने हजारों करोड़ रुपये का नया कर्ज ले रही है, जिससे राज्य का ऋण बोझ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपने वैध बकाये तक की वसूली नहीं कर पा रही, तो इससे उसकी मंशा और प्रशासनिक क्षमता दोनों पर सवाल खड़े होते हैं।
सिद्धू ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर किसान अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें कर्ज माफी नहीं मिल रही और छोटी-छोटी बकाया राशियों के लिए नोटिस जारी किये जाते हैं, जबकि दूसरी ओर प्रभावशाली बिल्डरों और सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के मामलों में सरकार चुप्पी साधे हुए दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आम लोगों और किसानों के लिए अलग नियम हैं, जबकि बड़े बिल्डरों के लिए अलग व्यवस्था अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता जानना चाहती है कि बड़े बकायेदारों के प्रति सरकार इतनी नरमी क्यों बरत रही है और सरकारी खजाने का पैसा अब तक क्यों नहीं वसूला गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की मांग करते हुए कहा कि यदि केवल मोहाली में ही लगभग एक हजार करोड़ रुपये का बकाया है, तो पूरे पंजाब में लंबित देनदारियों की राशि का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने मांग की कि गमाडा के सभी बकायेदारों से बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के तत्काल बकाया राशि की वसूली की जाये, ताकि राज्य के खजाने को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।

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