मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को लेकर भाजपा का डीएमके पर तंज, कहा-हिंदू विरोधी मानसिकता हुई उजागर
भाजपा का वार: 'हिंदू विरोधी है द्रमुक', हाईकोर्ट के फैसले को शहजाद पूनावाला ने बताया 'सत्यमेव जयते'
भाजपा ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद डीएमके सरकार को घेरा है। पूनावाला ने कहा कि अदालत ने अमित मालवीय पर दर्ज एफआईआर को राजनीति से प्रेरित मानकर खारिज कर दिया है।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के मद्देनजर तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कडग़म (डीएमके) सरकार और उसके नेताओं पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाते हुये हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डीएमके की राजनीति को हिंदू विरोधी मानसिकता पर आधारित है इसकी पुष्टि हाईकोर्ट के फैसले से होती है।
पूनावाला ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट द्वारा दिया गया आदेश सत्यमेव जयते का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भाजपा के आईटी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय के खिलाफ डीएमके सरकार द्वारा दर्ज कराए गए मामले से जुड़ा है, जिसे अदालत ने विशेष मानसिकता से प्रेरित बताते हुये खारिज कर दिया।
पूनावाला ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल राजनीतिक बदले की भावना के तहत दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार ने मालवीय को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्होंने सच्चाई सामने रखी थी। यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए की गई थी।
पूनावाला ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट शब्दों में माना है कि डीएमके सरकार और उसके नेता उदयनिधि स्टालिन का बयान हिंदू समुदाय के प्रति दुर्भावनापूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह भी टिप्पणी की है कि डीएमके नेताओं के कई वक्तव्य 'नफरती बयान' की श्रेणी में आते हैं।
पूनावाला ने कहा कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि मालवीय के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया। पूनावाला ने डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की पूरी राजनीतिक विरासत हिंदू आस्थाओं, परंपराओं और धार्मिक प्रतीकों के विरोध से जुड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके बार-बार हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान देती रही है और अब न्यायपालिका ने इस प्रवृत्ति पर स्पष्ट टिप्पणी की है।
पूनावाला ने कहा कि यह फैसला उन सभी राजनीतिक दलों के लिए चेतावनी है जो सत्ता के बल पर कानून का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने और दबाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा न्यायपालिका के इस निर्णय का स्वागत करती है और भरोसा जताया कि आगे भी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा होती रहेगी।

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