ओडिशा पुलिस को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी: माओवादी कमांडर सुखराम मरकाम ने किया आत्मसमर्पण, 25 लाख का ईनाम था घोषित
मलकानगिरि में नक्सल कमांडर का आत्मसमर्पण
मलकानगिरि में सीपीआई (माओवादी) कमांडर सुखराम मरकाम ने हथियार-विस्फोटकों सहित आत्मसमर्पण किया। पुलिस ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया।
मलकानगिरि। मलकानगिरि पुलिस को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। सीपीआई (माओवादी) के क्षेत्रीय समिति सदस्य एवं कांगेरघाटी क्षेत्र के कमांडर सुखराम मरकाम ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। उसने एक एसएलआर राइफल, 12 राउंड गोला-बारूद, दो आईईडी डिवाइस, विस्फोटक वायर, माओवादी वर्दी और प्रचार साहित्य सहित कुल 15 प्रकार की सामग्री पुलिस को सौंपी है। यह एकल आत्मसमर्पण में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक मानी जा रही है।
सुखराम मरकाम का संगठन से सफर 15 साल पुराना है। वह जून 2010 में बालसभा गठन के सदस्य के रूप में शामिल हुआ और धीरे-धीरे कांगेरघाटी क्षेत्र का कमांडर बना। उसे अगस्त 2014 में 15 दिन का बुनियादी प्रशिक्षण और जून 2019 से जनवरी 2020 तक माओवादी विचारधारा, मानचित्र पठन आदि का उन्नत प्रशिक्षण मिला। बाद में उसे दुर्भा डिवीजन की मोबाइल अकादमिक स्कूल टीम में ग्रामीणों को भर्ती करने का जिम्मा दिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुखराम पिछले एक दशक में कम से कम 12 गंभीर घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। इनमें 11 अप्रैल 2015 को माथिली थानांतर्गत बारा गांव के ग्रामीणों पर हमला, 23 नवंबर 2015 को बेंगपाल मोड़ पर पुलिस के साथ मुठभेड़, 4 मार्च 2016 को कुमाकोलेंग क्षेत्र में सशस्त्र डकैती, 4 नवंबर 2016 को सौतानार गांव में एक नागरिक की हत्या और सितंबर 2017 में दलदली गांव के पास आईईडी विस्फोट शामिल हैं। इसके अलावा 5 जुलाई 2018 को दामनकोंटा गांव के पास नागरिक हत्या, नवंबर 2018 में दंतेवाड़ा में पुलिस मुठभेड़, 2 अक्टूबर 2019 को दंदीपदार जंगल में पुलिस गश्ती दल पर विस्फोट, 14 सितंबर 2021 को नयापारा क्षेत्र में अपहरण व हत्या, 17 जनवरी 2022 को दलदली क्षेत्र में नागरिक हत्या और मार्च 2023 में सुकमा जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ की घटनाओं में भी उसकी संलिप्तता बताई गई है।
इस आत्मसमर्पण के पीछे ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और पुलिस प्रशासन की लगातार अपील, सुरक्षा बलों का बढ़ा दबाव, संगठन की विचारधारा से मोहभंग, स्थानीय समर्थन में कमी और राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति को प्रमुख कारण माना जा रहा है। ओडिशा सरकार की नीति के तहत सुखराम मारकम को कुल 21 लाख रुपये की इनामी राशि मिलेगी। उसे पहले ही 25,000 रुपये की तात्कालिक राहत राशि दी जा चुकी है। भविष्य में अंत्योदय गृह योजना के तहत आवास, 25,000 रुपये का विवाह प्रोत्साहन, नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण के साथ 36 माह तक 10,000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य बीमा और सब्सिडी वाला राशन जैसे लाभ भी मिलेंगे।
ओडिशा पुलिस के महानिदेशक ने इस अवसर पर अन्य भूमिगत माओवादियों से भी शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी कार्यकर्ताओं को पूर्ण सुरक्षा और पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा। इस आत्मसमर्पण को मलकानगिरि जिले को नक्सल-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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