काशी में मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर कांग्रेस ने बोला सरकार पर हमला, लगाएं गंभीर आरोप
मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास पर कांग्रेस का 'विनाश' का आरोप
वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास के दौरान प्राचीन मूर्तियों को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
वाराणसी। काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया है कि पुनर्विकास के दौरान आस्था से जुड़ी मूर्तियों और धार्मिक स्थलों को लगातार क्षति पहुंचाई जा रही है। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा, यह विकास नहीं, बल्कि वाराणसी में सुनियोजित रूप से आस्था, इतिहास और संस्कृति का विनाश किया जा रहा है। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन आस्थावानों की जीवित संस्कृति है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज उसी काशी में विकास के नाम पर सुनियोजित तरीके से विनाश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, पहले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर जो कुछ हुआ, सबने देखा है। अब मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में देवी-देवताओं की मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो काशी की आत्मा पर सीधा प्रहार है। यह कैसा विकास है, जिसमें मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं और जनता की आस्था को रौंदा जा रहा है? क्या वाराणसी की पहचान केवल कॉरिडोर और पत्थरों तक सीमित कर दी जाएगी, या उसकी आत्मा, संस्कृति और धार्मिक विरासत को भी बचाया जाएगा।

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