सीजेपी के चलो संसद मार्च को लेकर हाई अलर्ट पर दिल्ली : संसद के चारों ओर सुरक्षा का अभेद्य घेरा, धारा 163 लागू

संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई निगरानी

सीजेपी के चलो संसद मार्च को लेकर हाई अलर्ट पर दिल्ली : संसद के चारों ओर सुरक्षा का अभेद्य घेरा, धारा 163 लागू
संसद के मानसून सत्र में इंडिया गठबंधन सरकार को तीन बड़े मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष राम मंदिर चंदा विवाद की स्वतंत्र जांच, पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी और एथेनॉल मिश्रण नीति पर जवाब मांगेगा। साथ ही जनहित के हर मुद्दे पर सरकार की जवाबदेही तय करने का दावा किया।

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद और शिक्षा सुधारों की मांगों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के चलो संसद मार्च के आह्वान के बीच सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू होने पर राष्ट्रीय राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम देखने को मिले। प्रस्तावित मार्च को आधिकारिक अनुमति न मिलने के कारण दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त जवानों को तैनात कर कई स्तरों की बैरिकेडिंग लगा रखी है और रणनीतिक स्थानों पर सघन वाहन चेकिंग चलाकर मध्य दिल्ली को कड़े सुरक्षा घेरे में ले लिया है। संसद भवन मार्ग , सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों सहित संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ा दी गयी है। सीजेपी ने सत्र के पहले दिन संसद तक मार्च करने की अपनी योजना की घोषणा की है। इसमें कथित नीट परीक्षा पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या और देश की परीक्षा प्रक्रिया में व्यवस्थागत कमियों का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गयी है।

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मार्च के लिए कोई मंजूरी नहीं दी गयी है। दिल्ली पुलिस उपायुक्त  ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पूरे दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। यह आदेश पूर्व अनुमति के साथ जंतर-मंतर को छोड़कर, अन्य किसी भी स्थान पर जुलूस, प्रदर्शन और 5 या अधिक लोगों के इकट्‌ठा होने पर रोक लगाता है। पुलिस ने यह भी कहा कि आयोजकों ने संसद की ओर मार्च निकालने की अनुमति के लिए अधिकारियों से संपर्क नहीं किया था। उन्होंने चेतावनी दी कि निषेधाज्ञा के किसी भी उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

सुरक्षा मजबूत करने के लिए, प्राधिकारियों ने आरक्षित पुलिस टुकड़यिों और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (क्यूआरटी) को तैनात किया, जबकि नयी दिल्ली जिले में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच के लिए अतिरिक्त चौकियां बनायी गयी। सीसीटीवी से निगरानी तेज कर दी गयी और संसद की ओर जाने वाले प्रमुख चौराहों व प्रवेश मार्गों पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए जंतर-मंतर के आसपास भी तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है, जिसमें अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी के साथ दिल्ली पुलिस के जवानों के दो घेरे शामिल थे। अधिकारियों ने कहा कि संसद सत्र के दौरान एहतियाती तौर पर यह तैनाती जारी रहेगी। सुरक्षा उपायों के तहत, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर जंतर-मंतर के आसपास के कुछ मेट्रो स्टेशनों को कुछ समय के लिए बंद कर रखा है। एक्स पर एक पोस्ट में डीएमआरसी ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अगले आदेश तक ये स्टेशन बंद रहेंगे।

इससे पहले, 20 से अधिक दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे और वर्तमान में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार परीक्षा पेपर लीक सहित शिक्षा प्रणाली में विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करती है या संसद सदस्य उन्हें आश्वस्त करते हैं कि मानसून सत्र के दौरान शिक्षा की जवाबदेही का मुद्दा उठाया जायेगा तो वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं।  

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