कैंसर मरीजों को जिले में ही मिलेगा विशेषज्ञ उपचार, आरजीएचएस में एआई से होगी निगरानी
मेडिकल ऑन्कोलॉजी परामर्श उपलब्ध
जयपुर। प्रदेश के कैंसर मरीजों को अगस्त से बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब उन्हें उपचार संबंधी विशेषज्ञ सलाह के लिए बार-बार जयपुर नहीं आना पड़ेगा। जिला स्तर के मेडिकल कॉलेजों में टेलीमेडिसिन के माध्यम से एसएमएस मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों से मेडिकल ऑन्कोलॉजी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। यह जानकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) की समीक्षा बैठक में दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने नई कैंसर गाइडलाइन लागू कर दी है, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक सरल, व्यवस्थित और मरीज-केंद्रित होगी।
बैठक में मंत्री ने आरजीएचएस में अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के जरिए दुरुपयोग करने वाली फार्मेसियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही महंगी दवाइयों की खरीद के लिए पारदर्शी नीति तैयार करने तथा आरएमएससीएल एवं अधिक छूट देने वाली ग्रीन फ्लैग फार्मेसियों के विकल्पों का ऑडिट आधारित मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए। स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल ने बताया कि अब दो हजार रुपये से अधिक की जांच के लिए पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का निस्तारण 30 से 35 मिनट के भीतर किया जा रहा है। पहले प्रतिदिन 1700 से 1800 आवेदन प्राप्त होते थे, जो अब घटकर 300 से 400 रह गए हैं।

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