युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही सरकार : छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज गलत, खड़गे बोले- शिक्षा नीति पर चर्चा के लिए सरकार तैयार नहीं
प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया है कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। खड़गे ने सोमवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों पर लाठीचार्ज करा रही है। यदि सरकार परीक्षाएं कराने में सक्षम नहीं है, तो उसे सत्ता छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने अयोध्या को लेकर भी सरकार पर हमला किया और कहा कि भगवान राम के नाम पर चढ़ावे की चोरी हुई और अब राम भक्तों के नाम पर जनता के पैसे की लूट हो रही है। उन्होंने कहा कि राम भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, इसलिए उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
वाड्रा ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ छात्र जंतर-मंतर पर बैठे है, लेकिन उन पर लाठीचार्ज कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा नीति पर चर्चा की मांग कर रही है, क्योंकि उसमें गंभीर खामियां हैं, लेकिन सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। इसके बजाय प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और उनके साथ मारपीट की जा रही है।
इस बीच, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद परिसर में दिए गए संबोधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने मानसून सत्र की शुरुआत अपने पुराने और खोखले भाषण से की, लेकिन उन मुद्दों का कोई उल्लेख नहीं किया जिन पर विपक्ष सरकार से जवाब चाहता है। उन्होंने कहा कि इनमें अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय मामलों में कथित अनियमितताएं, नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और सीबीएसई कक्षा 12 परीक्षा में कथित गड़बड़ियां, विपक्षी दलों को तोडऩे के कथित प्रयास, विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य सरकारों से जुड़े भ्रष्टाचार और हितों के टकराव के आरोप तथा परिसीमन, वन नेशन, वन इलेक्शन और वीबीएसए विधेयक जैसे मुद्दे शामिल हैं।

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