पर्यावरण मंत्रालय में 4 कर्मचारियों की बर्खास्तगी : कांग्रेस ने मांगा स्पष्टीकरण, जयराम बोले- हटाने के कारणों को सार्वजनिक करे सरकार
बर्खास्त कर्मचारियों में मंत्री का सबसे विश्वसनीय सहयोगी भी शामिल
नई दिल्ली। कांग्रेस ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मंत्री भूपेंद्र यादव के 4 करीबी कर्मचारियों की 2 दिनों के भीतर 2 चरणों में बर्खास्तगी पर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी का कहना है कि इस घटनाक्रम से मंत्रालय की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं, इसलिए इस कार्रवाई का जवाब दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक बयान में कहा कि केन्द्र सरकार में मंत्रियों के निजी स्टाफ की सभी प्रमुख नियुक्तियों की जांच और मंजूरी प्रधानमंत्री कार्यालय से की जाती है। ऐसे में पर्यावरण मंत्री के 4 करीबी सहयोगियों को हटाने के कारणों को सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बर्खास्त कर्मचारियों में मंत्री का सबसे विश्वसनीय सहयोगी भी शामिल था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय हाल के वर्षों में पर्यावरण संरक्षण, वनों की सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से निपटने में प्रभावी भूमिका निभाने में विफल रहा है। ग्रेट निकोबार, मध्य और पूर्वी भारत के वन क्षेत्रों, अरावली पर्वतमाला तथा अन्य जैव विविधता वाले क्षेत्रों में पारिस्थितिक क्षरण जारी है, जबकि वायु प्रदूषण भी लगातार गंभीर होता जा रहा है।कांग्रेस नेता ने कहा कि पर्यावरणीय मानकों को सख्ती से लागू नहीं किया जा रहा है, इसलिए सरकार को मंत्रालय में हुई बर्खास्तगी के साथ-साथ उसके कामकाज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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