मेघालय की अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट; चार मजदूरों की मौत, कई अन्य के दबे होने की आशंका
बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक विशेषज्ञ, राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन टीमें मौके पर मौजूद
ईस्ट जयंतिया हिल्स में अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट से चार मजदूरों की मौत, एक घायल। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका।
शिलांग। मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के एक सुदूरवर्ती इलाके में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में भीषण डायनामाइट विस्फोट होने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। अधिकारियों ने अंदेशा जताया है कि मलबे में और भी मजदूर फंसे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका है।
विस्फोट की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक विशेषज्ञ, राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन सेवा की टीमें स्थिति का जायजा लेने के लिए मयन्संगट थांगस्को क्षेत्र में पहुंच गईं।
ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने यूनी(एजेंसी) को बताया कि यह एक डायनामाइट विस्फोट था। उन्होंने बताया कि खदान से अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि झुलसे हुए एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए शिलांग रेफर किया गया है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, एक पहाड़ी पर अवैध खनन किया जा रहा था। यह विस्फोट के कारण ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे कई खनिक दब गए।
इससे पहले 23 दिसंबर, 2025 को भी थांगस्को गांव में एक विस्फोट हुआ था, जिसमें दो खनिकों की जान चली गई थी। गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने अप्रैल 2014 में मेघालय में खतरनाक 'रैट-होल, कोयला खनन पर इसके अवैध और अवैज्ञानिक स्वरूप के कारण प्रतिबंध लगा दिया था। मेघालय हाई कोर्ट द्वारा कोयले से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए नियुक्त किए गए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ब्रोजेंद्र प्रसाद काटाके ने कहा था कि सरकार के ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के आश्वासन के बावजूद, राज्य में अवैध कोयला खनन और ट्रांसपोर्टेशन जारी है।
हालांकि, मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने उस समय दावा किया था कि जिला प्रशासन सतर्क है और अवैध खनन से जुड़े 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

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